Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन-I: भूमध्यरेखा पर क्षोभमंडल की मोटाई, ध्रुवों की तुलना में बहुत अधिक है।
कथन-II: भूमध्यरेखा पर प्रबल संवहनी धाराओं द्वारा ऊष्मा को अधिक ऊँचाई तक ले जाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है
कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है
कथन-I सही है, किन्तु कथन-II गलत है
कथन-I गलत है, किन्तु कथन-II सही है
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन-I सही है। क्षोभमंडल वायुमंडल की सबसे निचली परत है। इसकी ऊपरी सीमा को क्षोभसीमा कहा जाता है। क्षोभमंडल की ऊँचाई भूमध्यरेखा पर लगभग 18-20 किमी, मध्य अक्षांशों में लगभग 9 किमी और ध्रुवों पर लगभग 6 किमी होती है।
भूमध्यरेखा पर पूरे वर्ष अपेक्षाकृत अधिक सौर ऊर्जा प्राप्त होती है। इससे पृथ्वी की सतह और उसके संपर्क वाली वायु अधिक गर्म होती है।
कथन-II सही है। गर्म वायु का घनत्व कम हो जाता है और वह ऊपर उठती है। इससे भूमध्यरेखीय क्षेत्र में प्रबल संवहनी धाराएँ विकसित होती हैं, जो ऊष्मा और जलवाष्प को क्षोभमंडल में अधिक ऊँचाई तक पहुँचाती हैं।
गर्म वायु का प्रसार और तीव्र ऊर्ध्वाधर संवहन क्षोभसीमा को अधिक ऊँचाई पर स्थापित करते हैं। इसके विपरीत, ध्रुवों की अत्यधिक ठंडी और सघन वायु में ऊर्ध्वाधर संवहन कमजोर होता है, इसलिए वहाँ क्षोभमंडल पतला होता है।
इसलिए कथन-II केवल सही ही नहीं है, बल्कि यह भूमध्यरेखा पर क्षोभमंडल की अधिक मोटाई अर्थात् कथन-I की सही व्याख्या भी करता है।