Previous Year Question
विषुवतीय प्रतिधाराओं (इक्वेटोरियल काउंटर-करेंट) के पूर्वाभिमुख प्रवाह की व्याख्या किससे होती है?
Correct Answer: B
Detailed Solution
उत्तरी विषुवतीय धारा और दक्षिणी विषुवतीय धारा व्यापारिक पवनों के प्रभाव से सामान्यतः पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित होती हैं।
इन दोनों पश्चिमाभिमुख विषुवतीय धाराओं के कारण महासागरीय जल पश्चिमी भाग में एकत्रित होता है। प्रश्न में प्रयुक्त “अभिसरण” का आशय इसी पश्चिमाभिमुख जल-संचय से है।
इस जल-संचय से महासागर के पश्चिमी भाग में जलस्तर और जल-दाब पूर्वी भाग की तुलना में अधिक हो जाता है। परिणामस्वरूप पश्चिम से पूर्व की ओर दाब-प्रवणता विकसित होती है।
संचित जल इस दाब-प्रवणता के अनुसार अपेक्षाकृत निम्न जलस्तर वाले पूर्वी भाग की ओर लौटता है। यही पश्चिम से पूर्व की ओर बहने वाला प्रवाह विषुवतीय प्रतिधारा कहलाता है।
पृथ्वी का घूर्णन महासागरीय धाराओं की दिशा को प्रभावित करता है और विषुवत्-वृत्त के निकट शांत पवनों की मेखला पूर्वाभिमुख प्रवाह के लिए अनुकूल दशा प्रदान करती है; परंतु प्रतिधारा को उत्पन्न करने वाला मूल कारण पश्चिमी भाग में जल का अभिसरण और उससे निर्मित दाब-प्रवणता है। लवणता का अंतर इसका प्रमुख कारण नहीं है।