Previous Year Question
महासागरों और समुद्रों में ज्वार-भाटाएँ किसके/किनके कारण होता/होते हैं?
सूर्य का गुरुत्वीय बल
चन्द्रमा का गुरुत्वीय बल
पृथ्वी का अपकेन्द्रीय बल
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Correct Answer: D
Detailed Solution
ज्वार-भाटा मुख्यतः सूर्य और चन्द्रमा द्वारा पृथ्वी के विभिन्न भागों पर लगाए जाने वाले असमान गुरुत्वीय आकर्षण तथा पृथ्वी-चन्द्रमा प्रणाली से संबंधित अपकेन्द्रीय अथवा जड़त्वीय प्रभाव के संयुक्त परिणाम हैं।
सूर्य का गुरुत्वीय बल: सूर्य का गुरुत्वीय आकर्षण महासागरीय जल पर ज्वारोत्पादक बल लगाता है। सूर्य अत्यधिक विशाल है, लेकिन पृथ्वी से बहुत दूर होने के कारण उसका ज्वारीय प्रभाव चन्द्रमा के ज्वारीय प्रभाव का लगभग आधा है।
चन्द्रमा का गुरुत्वीय बल: चन्द्रमा पृथ्वी के अधिक निकट है, इसलिए वह ज्वार उत्पन्न करने वाला सबसे प्रभावशाली खगोलीय पिंड है। पृथ्वी के चन्द्रमा की ओर स्थित भाग में उसका आकर्षण अधिक होने से जल का एक ज्वारीय उभार बनता है।
अपकेन्द्रीय बल: पृथ्वी और चन्द्रमा अपने उभयनिष्ठ द्रव्यमान-केन्द्र के चारों ओर परिक्रमा करते हैं। इस प्रणाली से संबंधित अपकेन्द्रीय अथवा जड़त्वीय प्रभाव पृथ्वी के चन्द्रमा से विपरीत भाग में दूसरा ज्वारीय उभार बनाने में योगदान देता है।
जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा एक सीधी रेखा में होते हैं, तब दोनों के ज्वारीय प्रभाव मिलकर बृहत् ज्वार उत्पन्न करते हैं। जब सूर्य और चन्द्रमा पृथ्वी के सापेक्ष समकोण पर होते हैं, तब उनके प्रभाव आंशिक रूप से एक-दूसरे को संतुलित करके लघु ज्वार उत्पन्न करते हैं।