Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I:
शैलों पर जल के प्रभाव के संदर्भ में, चॉक एक अत्यंत पारगम्य शैल के रूप में ज्ञात है, जबकि मृत्तिका एक नितांत अपारगम्य या न्यूनतम पारगम्य शैल के रूप में ज्ञात है।
कथन II:
चॉक सरंध्र होता है, अतः जल अवशोषित कर सकता है।
कथन III:
मृत्तिका बिल्कुल ही सरंध्र नहीं है।
उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
Correct Answer: C
Detailed Solution
सरंध्रता किसी शैल या अवसाद में रिक्त स्थानों की मात्रा बताती है, जबकि पारगम्यता बताती है कि परस्पर जुड़े हुए छिद्रों, संधियों अथवा दरारों से जल कितनी आसानी से प्रवाहित हो सकता है।
कथन I सही है: प्राकृतिक अवस्था में चॉक में संधियाँ और दरारें जल के प्रवाह के मार्ग प्रदान करती हैं, जिससे चॉक शैल-समूह मध्यम से अत्यधिक पारगम्य हो सकता है। इसके विपरीत, मृत्तिका में जल का प्रवाह अत्यन्त धीमा होता है और उसकी पारगम्यता बहुत कम होती है।
कथन II सही है: चॉक सरंध्र होता है और अपने सूक्ष्म छिद्रों में जल का अवशोषण तथा भंडारण कर सकता है। प्राकृतिक चॉक में परस्पर जुड़ी दरारें उसके माध्यम से जल के प्रवाह को भी सम्भव बनाती हैं। इसलिए कथन II, कथन I के चॉक वाले भाग की व्याख्या करता है।
कथन III गलत है: मृत्तिका सरंध्र होती है और उसमें सरंध्रता अधिक भी हो सकती है। लेकिन उसके छिद्र अत्यन्त सूक्ष्म होते हैं तथा उनसे जल का प्रवाह बहुत धीमा होता है। इसलिए कम पारगम्यता का अर्थ सरंध्रता का पूर्ण अभाव नहीं है।