Previous Year Question
पृथ्वी के वायुमंडल में आयनमंडल कहलाने वाली एक परत रेडियो संचार को सुसाध्य बनाती है। क्यों?
ओजोन की उपस्थिति रेडियो तरंगों को पृथ्वी की ओर परावर्तित करती है।
रेडियो तरंगों की तरंग-दैर्ध्य अति दीर्घ होती है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं?
Correct Answer: D
Detailed Solution
कथन 1 गलत है: रेडियो तरंगों को पृथ्वी की ओर लौटाने में ओजोन की कोई भूमिका नहीं होती।
ओजोन परत मुख्यतः समतापमंडल में होती है।
इसका प्रमुख कार्य सूर्य के हानिकारक पराबैंगनी विकिरण को अवशोषित करना है।
आयनमंडल में सौर पराबैंगनी और एक्स-किरणों के कारण उत्पन्न मुक्त इलेक्ट्रॉन एवं आयन रेडियो तरंगों के प्रसार को प्रभावित करते हैं।
कथन 2 भी गलत है: रेडियो तरंगों की तरंगदैर्ध्य विद्युत्-चुम्बकीय वर्णक्रम में अपेक्षाकृत लंबी होती है, लेकिन केवल लंबी तरंगदैर्ध्य होना आयनमंडलीय रेडियो संचार का कारण नहीं है।
वास्तविक प्रक्रिया:
आयनमंडल में मुक्त इलेक्ट्रॉनों का घनत्व ऊँचाई, दिन-रात, ऋतु और सौर गतिविधि के अनुसार बदलता है।
कुछ आवृत्तियों, विशेषकर HF बैंड—लगभग 3 से 30 MHz, की रेडियो तरंगें आयनित परतों में क्रमिक अपवर्तन के कारण मुड़कर पृथ्वी की ओर लौट सकती हैं।
इससे रेडियो संकेत पृथ्वी की वक्रता के पार, अर्थात् क्षितिज से बहुत दूर तक पहुँच सकते हैं।
सभी रेडियो तरंगें आयनमंडल से वापस नहीं आतीं। बहुत अधिक आवृत्ति वाली तरंगें आयनमंडल को पार करके अंतरिक्ष में जा सकती हैं, जबकि कुछ निम्न आवृत्तियाँ अवशोषित भी हो सकती हैं।
इसलिए आयनमंडल द्वारा रेडियो संचार सुगम होने का वास्तविक कारण मुक्त इलेक्ट्रॉनों और रेडियो तरंगों की विशिष्ट आवृत्तियों के बीच अंतःक्रिया है। यह कारण दोनों कथनों में नहीं दिया गया है।