Previous Year Question
अंटार्कटिक क्षेत्र में ओजोन छिद्र का निर्माण चिंता का विषय रहा है। इस छिद्र के निर्माण का क्या कारण हो सकता है?
Correct Answer: B
Detailed Solution
अंटार्कटिका में ओजोन छिद्र बनने के लिए तीन प्रमुख परिस्थितियाँ एक साथ उत्तरदायी हैं:
शक्तिशाली ध्रुवीय भंवर: अंटार्कटिक शीत ऋतु में तेज पश्चिमी पवनें ध्रुव के चारों ओर एक शक्तिशाली ध्रुवीय भंवर बनाती हैं। यह भंवर ध्रुवीय वायु को मध्य अक्षांशों की अपेक्षाकृत गर्म वायु से अलग रखता है।
ध्रुवीय समतापमंडलीय बादल: अलग-थलग पड़ी अंटार्कटिक समतापमंडलीय वायु अत्यधिक ठंडी हो जाती है। लगभग –78°C या उससे कम तापमान पर ध्रुवीय समतापमंडलीय बादल बनते हैं। इनके हिम और नाइट्रिक अम्ल वाले कण रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए सतह प्रदान करते हैं।
CFC से प्राप्त क्लोरीन: क्लोरोफ्लोरोकार्बन समतापमंडल में पहुँचकर पराबैंगनी विकिरण से विघटित होते हैं और क्लोरीन उपलब्ध कराते हैं। ध्रुवीय बादलों की सतह पर निष्क्रिय क्लोरीन यौगिक अधिक सक्रिय रूपों में परिवर्तित हो जाते हैं।
अंटार्कटिक वसंत में सूर्य का प्रकाश लौटने पर सक्रिय क्लोरीन मुक्त होता है। यह उत्प्रेरकीय अभिक्रियाओं द्वारा ओजोन को नष्ट करता है:
Cl + O3 → ClO + O2
ClO + O → Cl + O2
क्लोरीन पुनः मुक्त हो जाता है, इसलिए एक क्लोरीन परमाणु अनेक ओजोन अणुओं को नष्ट कर सकता है।
विकल्पों का परीक्षण:
(a) गलत: ओजोन छिद्र क्षोभमंडलीय विक्षोभ के कारण नहीं, बल्कि समतापमंडलीय रासायनिक अभिक्रियाओं से बनता है।
(b) सही: ध्रुवीय परिसंचरण, समतापमंडलीय बादल और CFC-जनित क्लोरीन मिलकर तीव्र ओजोन क्षय कराते हैं।
(c) गलत: ध्रुवीय भंवर और समतापमंडलीय बादलों की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि उनकी उपस्थिति आवश्यक है। मीथेन इसका प्रमुख कारण नहीं है।
(d) गलत: अंटार्कटिक ओजोन छिद्र की तीव्रता अत्यंत निम्न समतापमंडलीय तापमान से संबंधित है, न कि ध्रुवीय तापमान में सामान्य वृद्धि से।