Previous Year Question
ला नीना को ऑस्ट्रेलिया में हाल में आई बाढ़ का संदिग्ध कारण माना गया है। ला नीना, एल नीनो से किस प्रकार भिन्न है?
ला नीना विषुवतीय हिन्द महासागर में असाधारण रूप से ठंडे समुद्री तापमान की विशेषता है, जबकि एल नीनो विषुवतीय प्रशांत महासागर में असाधारण रूप से गर्म समुद्री तापमान की विशेषता है।
एल नीनो का भारत के दक्षिण-पश्चिम मानसून पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, लेकिन ला नीना का मानसूनी जलवायु पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct Answer: D
Detailed Solution
कथन 1 गलत है: ला नीना विषुवतीय हिन्द महासागर की नहीं, बल्कि मध्य और पूर्वी विषुवतीय प्रशांत महासागर की घटना है।
एल नीनो: मध्य एवं पूर्वी विषुवतीय प्रशांत महासागर का सतही जल सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है।
ला नीना: उसी क्षेत्र का सतही जल सामान्य से अधिक ठंडा हो जाता है।
दोनों एल नीनो-दक्षिणी दोलन यानी ENSO के क्रमशः उष्ण और शीत चरण हैं।
कथन 2 गलत है: ला नीना का मानसूनी जलवायु पर प्रभाव पड़ता है।
सामान्यतः:
एल नीनो में प्रशांत व्यापारिक पवनें कमजोर और वॉकर परिसंचरण परिवर्तित हो जाता है। यह प्रायः भारतीय दक्षिण-पश्चिम मानसून को कमजोर करने से संबंधित होता है।
ला नीना में प्रशांत व्यापारिक पवनें तथा वॉकर परिसंचरण सामान्यतः मजबूत होते हैं। यह प्रायः भारतीय मानसून की अधिक अथवा सामान्य से बेहतर वर्षा के अनुकूल होता है।
यह संबंध निश्चित नहीं, बल्कि संभाव्यता पर आधारित है। हिन्द महासागर द्विध्रुव, हिमावरण और अन्य महासागरीय-वायुमंडलीय दशाएँ भी भारतीय मानसून को प्रभावित करती हैं। इसलिए प्रत्येक एल नीनो वर्ष में सूखा और प्रत्येक ला नीना वर्ष में अधिक वर्षा होना आवश्यक नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में ला नीना के दौरान गर्म जल तथा संवहनीय गतिविधि पश्चिम की ओर केंद्रित होती है, जिससे वहाँ सामान्य से अधिक वर्षा और बाढ़ की संभावना बढ़ सकती है।
अतः दोनों कथन गलत हैं।