Previous Year Question
निम्नलिखित पर विचार कीजिए :
विद्युत्-चुम्बकीय विकिरण
भूतापीय ऊर्जा
गुरुत्वीय बल
प्लेट संचलन
पृथ्वी का घूर्णन
पृथ्वी का परिक्रमण
उपर्युक्त में से कौन-से पृथ्वी के पृष्ठ पर गतिक परिवर्तन लाने के लिए जिम्मेदार हैं?
Correct Answer: D
Detailed Solution
पृथ्वी की सतह पर परिवर्तन आंतरिक तथा बाह्य दोनों प्रकार की शक्तियों और प्रक्रियाओं से होते हैं। दिए गए सभी कारक प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से इन परिवर्तनों के लिए उत्तरदायी हैं।
विद्युत्-चुम्बकीय विकिरण: सूर्य से प्राप्त ऊर्जा जलवायु और जलचक्र की प्रमुख ऊर्जा है। यही ऊर्जा तापीय अपक्षय, पवन, वर्षा, नदियों, हिमनदों तथा समुद्री तरंगों से होने वाले अपरदन और निक्षेपण को संचालित करती है।
भूतापीय ऊर्जा: पृथ्वी के आंतरिक भाग की ऊष्मा मेंटल संवहन, ज्वालामुखिता और विवर्तनिक गतिविधियों के लिए ऊर्जा उपलब्ध कराती है। यह अंतर्जात प्रक्रियाओं का महत्त्वपूर्ण ऊर्जा-स्रोत है।
गुरुत्वीय बल: भूस्खलन, शैलपात, मृदा-सर्पण और हिमनदों का ढाल की ओर प्रवाह गुरुत्व के कारण होता है। नदियों द्वारा जल तथा अवसाद का नीचे की ओर परिवहन भी गुरुत्व से संबंधित है।
प्लेट संचलन: प्लेटों की गति से पर्वत, भ्रंश, वलन, रिफ्ट घाटियाँ, भूकंप और ज्वालामुखियों का निर्माण होता है। यह पृथ्वी की सतह पर बड़े संरचनात्मक परिवर्तन लाती है।
पृथ्वी का घूर्णन: इससे दिन-रात का चक्र और कोरिऑलिस बल उत्पन्न होते हैं। कोरिऑलिस बल पवनों, महासागरीय धाराओं तथा प्रवाहित जल की दिशा को प्रभावित करता है।
पृथ्वी का परिक्रमण: अक्षीय झुकाव के साथ परिक्रमण से ऋतुएँ बनती हैं। ऋतुओं के अनुसार तापमान, वर्षा, पवन, नदी-प्रवाह और हिमनदों में होने वाले परिवर्तन भू-आकृतिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करते हैं।
अतः सभी छह कारक पृथ्वी की सतह पर गतिक परिवर्तन लाने में भूमिका निभाते हैं।