JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2014

Previous Year Question

पवनों का मौसमी उत्क्रमण किसका प्ररूपी अभिलक्षण है?

A.
भूमध्यरेखीय जलवायु
B.
भूमध्यसागरीय जलवायु
C.
मानसून जलवायु
D.
उपर्युक्त सभी

Correct Answer: C

Detailed Solution

पवनों की दिशा में ऋतु के अनुसार होने वाला लगभग विपरीत परिवर्तन मानसून जलवायु का प्ररूपी या विशिष्ट अभिलक्षण है। ‘मानसून’ शब्द अरबी भाषा के मौसिम शब्द से निकला है, जिसका अर्थ ऋतु है।

ग्रीष्मकालीन स्थिति:

  • गर्मियों में स्थल भाग समुद्र की तुलना में अधिक तेजी से गर्म होता है।

  • महाद्वीप के ऊपर निम्न दाब और अपेक्षाकृत ठंडे महासागर के ऊपर उच्च दाब विकसित होता है।

  • पवनें समुद्र से स्थल की ओर चलती हैं और अपने साथ बड़ी मात्रा में नमी लाती हैं।

  • भारत में ये पवनें मुख्यतः दक्षिण-पश्चिम मानसून के रूप में जून से सितंबर के बीच वर्षा करती हैं।

शीतकालीन स्थिति:

  • सर्दियों में स्थल भाग समुद्र की तुलना में अधिक तेजी से ठंडा होता है।

  • महाद्वीप पर उच्च दाब और अपेक्षाकृत गर्म महासागर पर निम्न दाब बनता है।

  • पवनों की दिशा उलट जाती है और वे स्थल से समुद्र की ओर बहने लगती हैं।

  • भारत में इन्हें सामान्यतः उत्तर-पूर्वी मानसूनी पवनें कहा जाता है। बंगाल की खाड़ी से नमी लेने के बाद ये तमिलनाडु और दक्षिण-पूर्वी तट पर वर्षा करती हैं।

मानसून के मौसमी उत्क्रमण में केवल स्थल और जल का विभेदी तापन ही नहीं, बल्कि ITCZ का उत्तर-दक्षिण स्थानांतरण, तिब्बती पठार, उपोष्णकटिबंधीय जेट धाराओं और महासागरीय परिस्थितियों का भी योगदान होता है।

अन्य विकल्प:

  • भूमध्यरेखीय जलवायु में वर्ष भर व्यापारिक पवनों और ITCZ का प्रभाव रहता है; पवनों का पूर्ण मौसमी उत्क्रमण इसका प्ररूपी गुण नहीं है।

  • भूमध्यसागरीय जलवायु में गर्मियाँ शुष्क और सर्दियाँ वर्षायुक्त होती हैं, लेकिन पवनों का मौसमी उत्क्रमण इसकी परिभाषित विशेषता नहीं है।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.