Previous Year Question
मेघाच्छादित रात में ओस की बूंदें क्यों नहीं बनतीं?
Correct Answer: B
Detailed Solution
ओस बनने के लिए भूपृष्ठ और उसके संपर्क में स्थित वस्तुओं का तापमान विकिरणीय शीतलन द्वारा ओसांक—Dew point तक पहुँचना आवश्यक है।
स्वच्छ रात में:
पृथ्वी की सतह दीर्घ-तरंग अवरक्त विकिरण अंतरिक्ष की ओर उत्सर्जित करती है।
आकाश साफ होने पर इस विकिरण का बड़ा भाग अंतरिक्ष में निकल जाता है।
भूपृष्ठ तेजी से ठंडा होकर ओसांक तक पहुँच सकता है।
सतह के संपर्क में स्थित वायु की जलवाष्प घास, पत्तियों और अन्य ठंडी वस्तुओं पर संघनित होकर ओस बनाती है।
शांत पवन ओस बनने में सहायक होती है, क्योंकि तीव्र पवन ठंडी सतही वायु को अपेक्षाकृत गर्म वायु से मिला देती है।
मेघाच्छादित रात में:
बादल पृथ्वी से निकलने वाले दीर्घ-तरंग विकिरण को अवशोषित करके उसका एक भाग पुनः पृथ्वी की ओर उत्सर्जित करते हैं।
इससे भूपृष्ठ की ऊष्मा-हानि कम हो जाती है और सतह पर्याप्त रूप से ठंडी नहीं हो पाती।
सतही तापमान के ओसांक तक न पहुँचने के कारण ओस का निर्माण नहीं होता या बहुत कम होता है।
विकल्प (b) में प्रयुक्त “वापस परावर्तित” वैज्ञानिक रूप से बादलों द्वारा अवरक्त विकिरण के अवशोषण और पृथ्वी की ओर पुनः उत्सर्जन को व्यक्त करता है। इसी प्रत्यावर्ती विकिरण के कारण रात्रिकालीन शीतलन कम होता है।
विकल्प (a) क्यों नहीं? बादल विकिरण अवशोषित अवश्य करते हैं, लेकिन भूपृष्ठ को अधिक गर्म बनाए रखने का प्रत्यक्ष कारण उसका एक भाग नीचे की ओर पुनः उत्सर्जित करना है। विकल्प (b) इस प्रत्यावर्ती प्रभाव को व्यक्त करता है।