JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2024

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन-I : वर्षा चट्टानों के अपक्षय का एक कारण है।

कथन-II : वर्षा जल में विलयन के रूप में कार्बन डाइऑक्साइड विद्यमान होती है।

कथन-III : वर्षा जल में वायुमंडलीय ऑक्सीजन विद्यमान होती है।

उपर्युक्त कथनों के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?

A.
कथन-II और कथन-III दोनों सही हैं तथा वे दोनों कथन-I की व्याख्या करते हैं
B.
कथन-II और कथन-III दोनों सही हैं, किन्तु उनमें से केवल एक कथन-I की व्याख्या करता है
C.
कथन-II और कथन-III में से केवल एक सही है तथा वह कथन-I की व्याख्या करता है
D.
न तो कथन-II और न ही कथन-III सही है

Correct Answer: A

Detailed Solution

कथन-I सही है: वर्षा जल चट्टानों के रासायनिक अपक्षय का महत्त्वपूर्ण कारक है। जल स्वयं एक विलायक है तथा उसमें घुली गैसें खनिजों के साथ रासायनिक अभिक्रियाएँ करके चट्टानों को विघटित या कमजोर करती हैं।

कथन-II सही है और कथन-I की व्याख्या करता है:

  • वायुमंडल से गुजरते समय वर्षा जल में कार्बन डाइऑक्साइड घुल जाती है।

  • कार्बन डाइऑक्साइड और जल की अभिक्रिया से दुर्बल कार्बोनिक अम्ल बनता है:

CO2 + H2O ⇌ H2CO3

  • कार्बोनिक अम्ल विशेष रूप से चूनापत्थर में उपस्थित कैल्शियम कार्बोनेट को घोलता है। इस प्रक्रिया को कार्बोनेशन कहा जाता है।

  • यह प्रक्रिया कार्स्ट स्थलाकृतियों—जैसे घोल रन्ध्र, सिंकहोल और गुफाओं—के विकास में महत्त्वपूर्ण है।

कथन-III सही है और कथन-I की व्याख्या करता है:

  • वर्षा जल में वायुमंडलीय ऑक्सीजन भी घुलती है।

  • यह ऑक्सीजन चट्टानों में उपस्थित लौह जैसे खनिजों के साथ अभिक्रिया करके ऑक्साइड बनाती है।

  • इस प्रक्रिया को ऑक्सीकरण कहते हैं। इसमें लौहयुक्त खनिजों पर जंग के समान लाल, पीली अथवा भूरी परत बन सकती है और चट्टान कमजोर होने लगती है।

इस प्रकार, वर्षा जल में घुली कार्बन डाइऑक्साइड कार्बोनेशन और ऑक्सीजन ऑक्सीकरण द्वारा अपक्षय कराती है। इसलिए कथन-II और कथन-III दोनों कथन-I की व्याख्या करते हैं।

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