Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
कथन-I : वर्षा चट्टानों के अपक्षय का एक कारण है।
कथन-II : वर्षा जल में विलयन के रूप में कार्बन डाइऑक्साइड विद्यमान होती है।
कथन-III : वर्षा जल में वायुमंडलीय ऑक्सीजन विद्यमान होती है।
उपर्युक्त कथनों के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन-I सही है: वर्षा जल चट्टानों के रासायनिक अपक्षय का महत्त्वपूर्ण कारक है। जल स्वयं एक विलायक है तथा उसमें घुली गैसें खनिजों के साथ रासायनिक अभिक्रियाएँ करके चट्टानों को विघटित या कमजोर करती हैं।
कथन-II सही है और कथन-I की व्याख्या करता है:
वायुमंडल से गुजरते समय वर्षा जल में कार्बन डाइऑक्साइड घुल जाती है।
कार्बन डाइऑक्साइड और जल की अभिक्रिया से दुर्बल कार्बोनिक अम्ल बनता है:
CO2 + H2O ⇌ H2CO3
कार्बोनिक अम्ल विशेष रूप से चूनापत्थर में उपस्थित कैल्शियम कार्बोनेट को घोलता है। इस प्रक्रिया को कार्बोनेशन कहा जाता है।
यह प्रक्रिया कार्स्ट स्थलाकृतियों—जैसे घोल रन्ध्र, सिंकहोल और गुफाओं—के विकास में महत्त्वपूर्ण है।
कथन-III सही है और कथन-I की व्याख्या करता है:
वर्षा जल में वायुमंडलीय ऑक्सीजन भी घुलती है।
यह ऑक्सीजन चट्टानों में उपस्थित लौह जैसे खनिजों के साथ अभिक्रिया करके ऑक्साइड बनाती है।
इस प्रक्रिया को ऑक्सीकरण कहते हैं। इसमें लौहयुक्त खनिजों पर जंग के समान लाल, पीली अथवा भूरी परत बन सकती है और चट्टान कमजोर होने लगती है।
इस प्रकार, वर्षा जल में घुली कार्बन डाइऑक्साइड कार्बोनेशन और ऑक्सीजन ऑक्सीकरण द्वारा अपक्षय कराती है। इसलिए कथन-II और कथन-III दोनों कथन-I की व्याख्या करते हैं।