JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2023

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. भूकम्पलेखी (सीस्मोग्राफ) में S तरंगों से पूर्व P तरंगें अभिलिखित की जाती हैं।

  2. P तरंगों में, अलग-अलग कण तरंग संचरण की दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं, जबकि S तरंगों में कण तरंग संचरण की दिशा के समकोण पर ऊपर-नीचे कंपन करते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A.
केवल 1
B.
केवल 2
C.
1 और 2 दोनों
D.
न तो 1 और न ही 2

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन 1 सही है:

  • P तरंगों को प्राथमिक तरंगें कहते हैं क्योंकि ये सभी भूकंपीय तरंगों में सबसे तेज गति से चलती हैं।

  • इसलिए भूकम्पलेखी पर P तरंगें पहले और अपेक्षाकृत धीमी S तरंगें बाद में अभिलिखित होती हैं।

कथन 2 सही है:

  • P तरंगें संपीडनात्मक अथवा अनुदैर्ध्य तरंगें हैं। इनमें माध्यम के कण तरंग के संचरण की दिशा के समानांतर आगे-पीछे कंपन करते हैं। इससे पदार्थ में क्रमशः संपीडन और विस्तार उत्पन्न होते हैं।

  • S तरंगें अपरूपण अथवा अनुप्रस्थ तरंगें हैं। इनमें कणों का कंपन तरंग के संचरण की दिशा के लंबवत होता है।

  • कथन में S तरंगों के कंपन को “ऊपर-नीचे” बताया गया है। यह अनुप्रस्थ गति का एक सरल निरूपण है; अधिक सटीक रूप में कण तरंग की दिशा से समकोण पर किसी भी अनुप्रस्थ दिशा में कंपन कर सकते हैं।

  • P तरंगें ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं। S तरंगें केवल ठोस माध्यम से गुजरती हैं, क्योंकि तरल और गैस में अपरूपण दृढ़ता नहीं होती।

अतः दोनों कथन सही हैं।

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