Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
भूकम्पलेखी (सीस्मोग्राफ) में S तरंगों से पूर्व P तरंगें अभिलिखित की जाती हैं।
P तरंगों में, अलग-अलग कण तरंग संचरण की दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं, जबकि S तरंगों में कण तरंग संचरण की दिशा के समकोण पर ऊपर-नीचे कंपन करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन 1 सही है:
P तरंगों को प्राथमिक तरंगें कहते हैं क्योंकि ये सभी भूकंपीय तरंगों में सबसे तेज गति से चलती हैं।
इसलिए भूकम्पलेखी पर P तरंगें पहले और अपेक्षाकृत धीमी S तरंगें बाद में अभिलिखित होती हैं।
कथन 2 सही है:
P तरंगें संपीडनात्मक अथवा अनुदैर्ध्य तरंगें हैं। इनमें माध्यम के कण तरंग के संचरण की दिशा के समानांतर आगे-पीछे कंपन करते हैं। इससे पदार्थ में क्रमशः संपीडन और विस्तार उत्पन्न होते हैं।
S तरंगें अपरूपण अथवा अनुप्रस्थ तरंगें हैं। इनमें कणों का कंपन तरंग के संचरण की दिशा के लंबवत होता है।
कथन में S तरंगों के कंपन को “ऊपर-नीचे” बताया गया है। यह अनुप्रस्थ गति का एक सरल निरूपण है; अधिक सटीक रूप में कण तरंग की दिशा से समकोण पर किसी भी अनुप्रस्थ दिशा में कंपन कर सकते हैं।
P तरंगें ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं। S तरंगें केवल ठोस माध्यम से गुजरती हैं, क्योंकि तरल और गैस में अपरूपण दृढ़ता नहीं होती।
अतः दोनों कथन सही हैं।