Previous Year Question
अंतरिक्ष से आने वाले विद्युत आवेशित कण, जो कई सौ किमी/सेकंड की गति से यात्रा करते हैं, यदि वे पृथ्वी की सतह तक पहुँचते हैं तो जीवित प्राणियों को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचा सकते हैं। उन्हें पृथ्वी की सतह तक पहुँचने से क्या रोकता है?
Correct Answer: A
Detailed Solution
सूर्य निरंतर इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और अन्य आयनों जैसे आवेशित कणों की धारा अंतरिक्ष में उत्सर्जित करता है, जिसे सौर पवन कहा जाता है। पृथ्वी के बाह्य क्रोड में द्रव लौह की गति से उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र पृथ्वी के चारों ओर एक विशाल सुरक्षात्मक क्षेत्र बनाता है, जिसे चुंबकमंडल कहते हैं।
विकल्प (a) सही है। सौर पवन के अधिकांश आवेशित कण पृथ्वी के चुंबकमंडल से टकराने पर पृथ्वी के चारों ओर विक्षेपित हो जाते हैं। कुछ कण चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करके उसकी क्षेत्र-रेखाओं के सहारे उत्तरी और दक्षिणी चुंबकीय ध्रुवों की ओर निर्देशित हो सकते हैं। वहाँ ऊपरी वायुमंडल के ऑक्सीजन और नाइट्रोजन परमाणुओं एवं अणुओं से टकराने पर ये कण ध्रुवीय ज्योति—ऑरोरा बोरेलिस और ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस— उत्पन्न कर सकते हैं।
पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र भौगोलिक उत्तर-दक्षिण अक्ष से पूर्णतः मेल नहीं खाता। चुंबकीय अक्ष और घूर्णन-अक्ष के बीच अंतर होने के कारण चुंबकीय तथा भौगोलिक ध्रुव एक ही स्थान पर नहीं हैं।
विकल्प (b) गलत है। ओजोन परत मुख्यतः सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों—विशेषकर UV-B और UV-C—को अवशोषित करती है। वह तीव्र गति वाले आवेशित कणों को दर्पण की तरह बाहरी अंतरिक्ष में परावर्तित नहीं करती।
विकल्प (c) गलत है। ऊपरी वायुमंडल में उपस्थित नमी इन आवेशित कणों के विरुद्ध पृथ्वी की मुख्य सुरक्षा नहीं है। सुरक्षा का प्रमुख कार्य चुंबकमंडल तथा कुछ सीमा तक वायुमंडल करते हैं।
अतः पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र आवेशित कणों को विक्षेपित करके और कुछ कणों को ध्रुवों की ओर निर्देशित करके पृथ्वी की रक्षा करता है।