JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2024

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन-I : बृहत तारे वामन तारों की तुलना में बहुत अधिक समय तक जीवित रहते हैं।

कथन-II : वामन तारों की तुलना में, बृहत तारों में नाभिकीय अभिक्रियाओं की दर अधिक होती है।

उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

A.
कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है।
B.
कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता है।
C.
कथन-I सही है, किंतु कथन-II गलत है।
D.
कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है।

Correct Answer: D

Detailed Solution

किसी तारे का जीवनकाल केवल उसके पास उपलब्ध ईंधन की मात्रा से निर्धारित नहीं होता; यह इस बात पर अधिक निर्भर करता है कि तारा उस ईंधन को कितनी तेजी से खर्च करता है।

कथन-I गलत है। बृहत अथवा अधिक द्रव्यमान वाले तारों के पास वामन तारों की तुलना में अधिक नाभिकीय ईंधन होता है, लेकिन वे अपने ईंधन का उपभोग अत्यधिक तीव्र गति से करते हैं। परिणामस्वरूप उनका जीवनकाल अपेक्षाकृत छोटा होता है। कुछ अत्यधिक द्रव्यमान वाले तारे केवल कुछ मिलियन वर्षों तक जीवित रहते हैं, जबकि कम द्रव्यमान वाले तारे अरबों अथवा खरबों वर्षों तक जीवित रह सकते हैं।

उदाहरण के लिए, सूर्य एक पीला वामन तारा है और मुख्य अनुक्रम अवस्था में इसका कुल जीवनकाल लगभग 10 अरब वर्ष माना जाता है। इसके विपरीत, बहुत अधिक द्रव्यमान वाले तारों का जीवनकाल कुछ मिलियन वर्ष ही हो सकता है।

कथन-II सही है। अधिक द्रव्यमान के कारण बृहत तारों के केंद्र में गुरुत्वीय दबाव और तापमान अधिक होता है। उच्च तापमान के कारण हाइड्रोजन संलयन तथा अन्य नाभिकीय अभिक्रियाएँ वामन तारों की तुलना में बहुत अधिक तेजी से होती हैं। इसी कारण बृहत तारे सामान्यतः अधिक गर्म, अधिक चमकीले और अधिक ऊर्जा उत्सर्जित करने वाले होते हैं।

अतः अधिक ईंधन होने के बावजूद बृहत तारे उसे तेजी से खर्च करते हैं। इसलिए उनकी नाभिकीय अभिक्रियाओं की दर अधिक, लेकिन जीवनकाल छोटा होता है।

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