Previous Year Question
मांगणियार नामक लोगों का एक समुदाय किसके लिए प्रसिद्ध है?
Correct Answer: B
Detailed Solution
मांगणियार उत्तर-पश्चिम भारत, विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान के थार मरुस्थलीय क्षेत्र की प्रसिद्ध वंशानुगत लोक-संगीतकार परम्परा से संबंधित हैं। इनकी प्रमुख बस्तियाँ राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में पाई जाती हैं।
मांगणियार संगीत-परम्परा की प्रमुख विशेषताएँ हैं:
ये परम्परागत रूप से पेशेवर और वंशानुगत लोक संगीतकार रहे हैं।
संगीत का ज्ञान मुख्यतः मौखिक रूप से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को दिया जाता है।
इन्हें ऐतिहासिक रूप से राजपूत जजमानों, सामन्तों, जमींदारों और समृद्ध व्यापारियों का संरक्षण प्राप्त था।
ये जन्म, विवाह, त्योहारों और दूसरे मांगलिक एवं सामाजिक अवसरों पर गीत प्रस्तुत करते हैं।
इनके गीतों में लोककथाएँ, वीरगाथाएँ, वंशावलियाँ, भक्ति, प्रेम और मरुस्थलीय जीवन के विषय मिलते हैं।
इनकी गायकी में राजस्थानी लोक-संगीत के साथ रागात्मक तत्त्व भी मिलते हैं।
प्रमुख वाद्ययंत्र:
कमायचा: मांगणियार परम्परा का विशिष्ट तन्तु-वाद्य, जिसे धनुष से बजाया जाता है।
खड़ताल: हाथों से बजाया जाने वाला ताल-वाद्य।
इनके साथ ढोलक, मोरचंग, अलगोजा, सारंगी और हारमोनियम का भी प्रयोग किया जाता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?
विकल्प (a) गलत है क्योंकि मांगणियार पूर्वोत्तर भारत की युद्धक कलाओं से संबंधित समुदाय नहीं हैं।
विकल्प (c) गलत है क्योंकि वे दक्षिण भारतीय शास्त्रीय गायन के बजाय पश्चिमी राजस्थान की लोक-संगीत परम्परा से संबंधित हैं। उनकी गायकी में रागात्मक तत्त्व हो सकते हैं, पर उसकी मूल पहचान लोक-संगीत है।
विकल्प (d) गलत है क्योंकि पिएट्रा ड्यूरा रंगीन पत्थरों की जड़ाई की एक सजावटी कला-तकनीक है; इसका मांगणियार समुदाय से संबंध नहीं है।