Previous Year Question
भारत के सांस्कृतिक इतिहास के सन्दर्भ में ‘पंचायतन’ शब्द किसे निर्दिष्ट करता है?
Correct Answer: C
Detailed Solution
पंचायतन हिन्दू मन्दिर स्थापत्य की एक रचना-योजना है। इसमें कुल पाँच देवालयों की व्यवस्था होती है।
एक मुख्य देवालय अथवा गर्भगृह को ऊँचे चबूतरे के मध्य में बनाया जाता है।
मुख्य देवालय के चारों ओर चबूतरे के चार कोनों पर चार छोटे सहायक देवालय बनाए जाते हैं।
इस प्रकार एक मुख्य और चार सहायक देवालयों को मिलाकर कुल पाँच देवालय होते हैं; इसी कारण इसे पंचायतन योजना कहा जाता है।
यह व्यवस्था मुख्य देवता की प्रधानता बनाए रखते हुए अन्य संबंधित देवताओं को भी उसी मन्दिर-परिसर में स्थान देती है।
उत्तर भारत में उत्तर-गुप्तकालीन मन्दिर स्थापत्य में पंचायतन योजना के स्पष्ट उदाहरण मिलते हैं।
उत्तर प्रदेश के देवगढ़ स्थित गुप्तकालीन दशावतार मन्दिर इसका प्रमुख प्रारम्भिक उदाहरण है। इसमें मुख्य देवालय मंच के मध्य में और चार सहायक देवालय चारों कोनों पर स्थित थे।
खजुराहो का लक्ष्मण मन्दिर भी विकसित पंचायतन योजना का उदाहरण है।
अतः ‘पंचायतन’ ग्रामसभा, धार्मिक सम्प्रदाय या प्रशासनिक अधिकारी को नहीं, बल्कि मन्दिर रचना-शैली को निर्दिष्ट करता है। सही उत्तर (c) है।