JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2014

Previous Year Question

भारत के सांस्कृतिक इतिहास के सन्दर्भ में ‘पंचायतन’ शब्द किसे निर्दिष्ट करता है?

A.
ग्राम के ज्येष्ठ-जनों की सभा
B.
धार्मिक सम्प्रदाय
C.
मन्दिर रचना-शैली
D.
प्रशासनिक अधिकारी

Correct Answer: C

Detailed Solution

पंचायतन हिन्दू मन्दिर स्थापत्य की एक रचना-योजना है। इसमें कुल पाँच देवालयों की व्यवस्था होती है।

  • एक मुख्य देवालय अथवा गर्भगृह को ऊँचे चबूतरे के मध्य में बनाया जाता है।

  • मुख्य देवालय के चारों ओर चबूतरे के चार कोनों पर चार छोटे सहायक देवालय बनाए जाते हैं।

  • इस प्रकार एक मुख्य और चार सहायक देवालयों को मिलाकर कुल पाँच देवालय होते हैं; इसी कारण इसे पंचायतन योजना कहा जाता है।

  • यह व्यवस्था मुख्य देवता की प्रधानता बनाए रखते हुए अन्य संबंधित देवताओं को भी उसी मन्दिर-परिसर में स्थान देती है।

  • उत्तर भारत में उत्तर-गुप्तकालीन मन्दिर स्थापत्य में पंचायतन योजना के स्पष्ट उदाहरण मिलते हैं।

  • उत्तर प्रदेश के देवगढ़ स्थित गुप्तकालीन दशावतार मन्दिर इसका प्रमुख प्रारम्भिक उदाहरण है। इसमें मुख्य देवालय मंच के मध्य में और चार सहायक देवालय चारों कोनों पर स्थित थे।

  • खजुराहो का लक्ष्मण मन्दिर भी विकसित पंचायतन योजना का उदाहरण है।

अतः ‘पंचायतन’ ग्रामसभा, धार्मिक सम्प्रदाय या प्रशासनिक अधिकारी को नहीं, बल्कि मन्दिर रचना-शैली को निर्दिष्ट करता है। सही उत्तर (c) है।

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