Previous Year Question
भारत की कला व संस्कृति के इतिहास के सम्बन्ध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
विख्यात मूर्तिशिल्प | स्थल |
1. बुद्ध के महापरिनिर्वाण की एक भव्य प्रतिमा जिसमें ऊपर की ओर अनेकों दैवी संगीतज्ञ तथा नीचे की ओर उनके दुखी अनुयायी दर्शाए गए हैं | अजंता |
2. प्रस्तर पर उत्कीर्ण विष्णु के वराह अवतार की विशाल प्रतिमा जिसमें वह देवी पृथ्वी को गहरे विक्षुब्ध सागर से उबारते दर्शाए गए हैं | माउंट आबू |
3. विशाल गोलाश्मों पर उत्कीर्ण “अर्जुन की तपस्या”/“गंगा-अवतरण” | मामल्लपुरम |
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
Correct Answer: C
Detailed Solution
युग्म 1 सही सुमेलित है।
बुद्ध के महापरिनिर्वाण की विशाल प्रतिमा अजंता की गुफा संख्या 26 में स्थित है।
गुफा संख्या 26 एक शैलकृत चैत्यगृह है। इसमें बुद्ध को दाहिनी करवट लेटे हुए महापरिनिर्वाण की अवस्था में दिखाया गया है।
प्रतिमा के ऊपरी भाग में दैवी प्राणी और संगीतज्ञ तथा निचले भाग में शोकग्रस्त अनुयायी दिखाए गए हैं।
इसलिए इसका अजंता से सुमेलन सही है।
युग्म 2 गलत सुमेलित है।
विष्णु के वराह अवतार द्वारा देवी पृथ्वी के उद्धार को प्रदर्शित करने वाली विशाल शैलकृत प्रतिमा उदयगिरि की गुफाओं, विदिशा, मध्य प्रदेश में स्थित है; माउंट आबू में नहीं।
यह प्रतिमा उदयगिरि की गुफा संख्या 5 में है और गुप्त शासक चन्द्रगुप्त द्वितीय के काल से संबंधित है।
वराह को अपने दाँत पर पृथ्वी देवी को उठाते हुए प्रदर्शित किया गया है।
युग्म 3 सही सुमेलित है।
“अर्जुन की तपस्या” अथवा “गंगा-अवतरण” मामल्लपुरम का विशाल मुक्ताकाशीय उत्कीर्ण शैल-उच्चावच है।
इसका निर्माण पल्लव शासक नरसिंहवर्मन प्रथम—मामल्ल—के काल से संबंधित माना जाता है।
यह प्राकृतिक चट्टानों पर उत्कीर्ण है और इसके मध्य की दरार को अवतरित होती गंगा के रूप में भी समझा जाता है।
इसी कारण इस शिल्प के दो प्रचलित नाम—“अर्जुन की तपस्या” और “गंगा-अवतरण”—हैं।