JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2015

Previous Year Question

कलमकारी चित्रकला निर्दिष्ट (रेफर) करती है

A.
दक्षिण भारत में सूती वस्त्र पर हाथ से की गई चित्रकारी
B.
पूर्वोत्तर भारत में बाँस के हस्तशिल्प पर हाथ से किया गया चित्रांकन
C.
भारत के पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में ऊनी वस्त्र पर ठप्पे (ब्लॉक) से की गई चित्रकारी
D.
उत्तर-पश्चिमी भारत में सजावटी रेशमी वस्त्र पर हाथ से की गई चित्रकारी

Correct Answer: A

Detailed Solution

कलमकारी दक्षिण भारत, विशेषकर आंध्र प्रदेश से संबंधित पारंपरिक वस्त्र-कला है।

  • इसमें मुख्यतः सूती वस्त्र पर हाथ से चित्रकारी अथवा लकड़ी के ठप्पों से छपाई की जाती है।

  • श्रीकालहस्ती शैली में कलम की सहायता से मुक्तहस्त चित्र बनाए जाते हैं। इसमें प्रायः रामायण, महाभारत, पुराणों और देवी-देवताओं से संबंधित दृश्य चित्रित किए जाते हैं।

  • मछलीपट्टनम शैली में नक्काशीदार लकड़ी के ठप्पों से वस्त्र पर आकृतियाँ छापी जाती हैं। इसमें पुष्प, बेल-बूटे और पैस्ली जैसी सजावटी आकृतियाँ प्रमुख हैं।

  • पारंपरिक कलमकारी में प्राकृतिक रंगों का प्रयोग किया जाता है।

  • श्रीकालहस्ती कलमकारी और मछलीपट्टनम कलमकारी, दोनों को भौगोलिक संकेतक—GI दर्जा प्राप्त है।

अतः विकल्प (a) सही है। अन्य विकल्पों में वर्णित बाँस का हस्तशिल्प, ऊनी वस्त्र और उत्तर-पश्चिमी भारत का रेशमी वस्त्र कलमकारी की पहचान नहीं हैं।

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