JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2018

Previous Year Question

सुप्रसिद्ध चित्र “बणी-ठणी” किस शैली का है?

A.
बूंदी शैली
B.
जयपुर शैली
C.
काँगड़ा शैली
D.
किशनगढ़ शैली

Correct Answer: D

Detailed Solution

  • बणी-ठणी किशनगढ़ उप-शैली का प्रसिद्ध चित्र है। किशनगढ़ शैली राजस्थानी लघुचित्र परंपरा की प्रमुख उप-शैलाओं में से एक है। NCERT के कला-शिक्षा पाठ्यक्रम में भी इसे स्पष्ट रूप से “Radha (Bani-Thani)—Nihal Chand—Kishangarh” के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

  • इस चित्र का संबंध चित्रकार निहालचंद से है, जो अठारहवीं शताब्दी में किशनगढ़ के शासक सावंत सिंह के दरबार से जुड़े थे। सावंत सिंह ने ‘नागरीदास’ उपनाम से राधा-कृष्ण भक्ति और प्रेम पर काव्य-रचना की थी।

  • बणी-ठणी को चित्र में सामान्यतः राधा के आदर्शीकृत स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है। किशनगढ़ के चित्रों में सावंत सिंह और बणी-ठणी को प्रायः कृष्ण और राधा के रूप में चित्रित किया गया।

  • इस चित्र की प्रमुख विशेषताएँ हैं—लंबी कमलाकार आँखें, अत्यधिक घुमावदार भौहें, लंबी एवं नुकीली नाक, पतले होंठ, उभरी हुई ठोड़ी, घुँघराली लट, पारदर्शी ओढ़नी और मोतियों के आभूषण। ये विशेषताएँ आगे चलकर किशनगढ़ शैली की पहचान बन गईं।

  • किशनगढ़ चित्रकला में राधा-कृष्ण प्रेम, भक्ति और शृंगार प्रमुख विषय थे। आकृतियाँ प्रायः लंबी और कोमल दिखाई जाती थीं तथा पृष्ठभूमि में झीलें, उपवन, दूरस्थ पहाड़ियाँ और विस्तृत प्राकृतिक दृश्य बनाए जाते थे।

  • बूंदी शैली हरी-भरी प्रकृति, वर्षा, वन्यजीवन और दरबारी दृश्यों; जयपुर शैली मुगल प्रभाव वाले चित्रों और व्यक्तिचित्रों; जबकि काँगड़ा पहाड़ी शैली कोमल एवं भावपूर्ण राधा-कृष्ण चित्रों के लिए जानी जाती है। परंतु बणी-ठणी का विशिष्ट संबंध किशनगढ़ शैली से है।

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