Previous Year Question
किसके राज्य में ‘कल्याण मंडप’ की रचना मंदिर-निर्माण का एक विशिष्ट अभिलक्षण था?
Correct Answer: D
Detailed Solution
कल्याण मंडप विजयनगर मंदिर स्थापत्य का विशिष्ट अंग था। यह मंदिर-परिसर में निर्मित स्तंभयुक्त मंडप होता था, जहाँ देवता और उनकी देवी के प्रतीकात्मक विवाह सहित विशेष धार्मिक एवं उत्सवी अनुष्ठान संपन्न किए जाते थे।
विजयनगर शासकों ने विशेष रूप से 14वीं–16वीं शताब्दी के दौरान पुराने मंदिरों का विस्तार किया और विशाल मंदिर-परिसरों का निर्माण कराया। इन मंदिरों में सामान्यतः निम्न विशेषताएँ दिखाई देती हैं:
ऊँचे और भव्य राय गोपुरम्
विशाल तथा बहु-स्तंभयुक्त मंडप
कल्याण मंडप और उत्सव मंडप
याली, घोड़ों और योद्धाओं से अलंकृत संयुक्त स्तंभ
मंदिर के सामने लंबी रथ-वीथियाँ तथा बाजार
ग्रेनाइट का व्यापक प्रयोग
हम्पी का विट्ठल मंदिर विकसित विजयनगर स्थापत्य का प्रमुख उदाहरण है। UNESCO के विवरण के अनुसार, इसके मंदिर-परिसर में कल्याण मंडप, उत्सव मंडप, तीन प्रवेश गोपुर और ग्रेनाइट का प्रसिद्ध रथ स्थित हैं।
चालुक्य स्थापत्य बादामी के शैलकृत मंदिरों तथा ऐहोल-पट्टदकल के संरचनात्मक मंदिरों में नागर और द्रविड़ शैलियों के प्रयोग के लिए प्रसिद्ध है।
चंदेल स्थापत्य मुख्यतः खजुराहो के नागर शैली के मंदिरों, ऊँची जगती, शिखरों के समूह और समृद्ध मूर्तिकला के लिए जाना जाता है।
राष्ट्रकूट स्थापत्य का सर्वोत्तम उदाहरण एलोरा का कैलास मंदिर है, जिसे एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया विशाल एकाश्मक मंदिर माना जाता है।
अतः कल्याण मंडपों के विशिष्ट विकास का संबंध विजयनगर साम्राज्य से है।