Previous Year Question
मुरैना के समीप स्थित चौंसठ योगिनी मंदिर के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
यह कच्छपघात राजवंश के शासनकाल में निर्मित एक वृत्ताकार मंदिर है।
यह भारत में निर्मित एकमात्र वृत्ताकार मंदिर है।
इसका उद्देश्य इस क्षेत्र में वैष्णव पूजा-पद्धति को प्रोत्साहन देना था।
इसके डिजाइन से यह लोकप्रिय धारणा बनी कि यह भारतीय संसद भवन के लिए प्रेरणा-स्रोत रहा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन से सही हैं?
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन 1 सही है। यह मंदिर मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के मितावली गाँव में स्थित है और एकट्टसो महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। अभिलेखीय विवरण इसे कच्छपघात शासक महाराजा देवपाल से संबद्ध करता है। इसकी योजना वृत्ताकार है—चारों ओर छोटे-छोटे कक्ष तथा बीच में एक केंद्रीय मंदिर है।
कथन 2 गलत है। मितावली का मंदिर भारत का एकमात्र वृत्ताकार मंदिर नहीं है। मुरैना जिला प्रशासन स्वयं इसे भारत के अत्यंत कम वृत्ताकार मंदिरों में से एक बताता है। भेड़ाघाट-जबलपुर, हिरापुर और रानीपुर-झरियाल में भी वृत्ताकार योगिनी मंदिर मिलते हैं। इसके विपरीत खजुराहो का चौंसठ योगिनी मंदिर आयताकार है।
कथन 3 गलत है। यह मंदिर वैष्णव पूजा-पद्धति के प्रचार के लिए नहीं बनाया गया था। यह चौंसठ योगिनियों को समर्पित योगिनी परंपरा का मंदिर है, जिसका संबंध देवी-उपासना तथा तांत्रिक-शाक्त परंपरा से था। वर्तमान में इसके अनेक कक्षों में शिवलिंग हैं और केंद्रीय मंदिर भी शिव-शक्ति परंपरा से संबंधित है।
कथन 4 सही है। मंदिर और पुराने भारतीय संसद भवन—दोनों की वृत्ताकार योजना के कारण यह लोकप्रिय धारणा बनी कि संसद भवन का डिजाइन मितावली मंदिर से प्रेरित था। यहाँ प्रश्न में केवल “लोकप्रिय धारणा” के अस्तित्व की बात कही गई है, यह नहीं कहा गया कि यह प्रेरणा ऐतिहासिक दस्तावेजों से निर्णायक रूप से प्रमाणित है।
मंदिर लगभग 100 फीट ऊँची पहाड़ी पर स्थित है। इसके वृत्ताकार परिसर में 64 छोटे कक्ष हैं। छत में बने छिद्रों और पाइपों द्वारा वर्षा-जल को भूमिगत भंडार तक पहुँचाने की व्यवस्था भी इसकी उल्लेखनीय स्थापत्य विशेषता है।