Previous Year Question
भारत छोड़ो आंदोलन के उपरान्त, सी. राजगोपालचारी ने ‘‘दी वे आउट’’ नामक पैम्फलेट जारी किया। निम्नलिखित में से कौन-सा एक प्रस्ताव पैम्फलेट में था?
Correct Answer: D
Detailed Solution
विकल्प (d) सही है।
सी. राजगोपालाचारी ने 1943 में The Way Out: A Plea for Constructive Thought on the Present Political Situation in India प्रकाशित किया।
इसका उद्देश्य भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच बने संवैधानिक एवं राजनीतिक गतिरोध का समझौतापूर्ण समाधान प्रस्तुत करना था।
राजगोपालाचारी का मानना था कि ब्रिटिश शासन कांग्रेस और मुस्लिम लीग के मतभेदों का प्रयोग सत्ता-हस्तांतरण टालने के लिए कर रहा था।
उनकी यह समझौता-आधारित पहल आगे चलकर 1944 के सी.आर. फॉर्मूला अथवा राजाजी फॉर्मूला के रूप में सामने आई।
सी.आर. फॉर्मूला की प्रमुख बातें:
मुस्लिम लीग भारत की पूर्ण स्वतंत्रता की माँग का समर्थन करे।
लीग अंतरिम अथवा अस्थायी सरकार बनाने में कांग्रेस का सहयोग करे।
द्वितीय विश्वयुद्ध समाप्त होने के बाद उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी भारत के मुस्लिम-बहुल संलग्न जिलों का सीमांकन करने के लिए आयोग बनाया जाए।
इन क्षेत्रों की पूरी आबादी के बीच जनमत-संग्रह कराकर यह निर्धारित किया जाए कि वे भारत से अलग होना चाहते हैं अथवा नहीं।
विभाजन होने पर रक्षा, वाणिज्य, संचार और अन्य आवश्यक विषयों पर पारस्परिक समझौते किए जाएँ।
योजना का क्रियान्वयन ब्रिटेन द्वारा भारत को पूर्ण सत्ता हस्तांतरित करने पर निर्भर था।
महात्मा गांधी ने सितंबर 1944 की गांधी-जिन्ना वार्ता में इसी फॉर्मूले को वार्ता के आधार के रूप में प्रयोग किया। जिन्ना ने इसे स्वीकार नहीं किया क्योंकि यह मुस्लिम लीग की पाकिस्तान संबंधी माँग को उसके पूर्ण स्वरूप में स्वीकार नहीं करता था।
अन्य विकल्पों का संबंध:
युद्ध सलाहकार परिषद की स्थापना 1940 के अगस्त प्रस्ताव से संबंधित थी।
गवर्नर जनरल और कमाण्डर-इन-चीफ को छोड़कर कार्यकारी परिषद में अन्य सभी सदस्यों को भारतीय बनाने का प्रस्ताव 1945 की वेवल योजना से संबंधित था।
अतः इन प्रस्तावों को राजगोपालाचारी के The Way Out से नहीं जोड़ना चाहिए।