Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन, क्रिप्स मिशन के साथ कांग्रेस के आधिकारिक वार्ताकार थे?
Correct Answer: C
Detailed Solution
क्रिप्स मिशन की पृष्ठभूमि:
द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापान की तीव्र प्रगति और भारत से युद्ध में सहयोग प्राप्त करने की आवश्यकता के कारण ब्रिटिश युद्ध मंत्रिमंडल ने मार्च 1942 में सर स्टैफोर्ड क्रिप्स को भारत भेजा।
उस समय मौलाना अबुल कलाम आजाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे और जवाहरलाल नेहरू कांग्रेस कार्यसमिति के प्रमुख सदस्यों में थे।
विकल्प (c) सही है।
कांग्रेस की ओर से क्रिप्स के साथ आधिकारिक वार्ता करने वाले नेता मौलाना आजाद और जवाहरलाल नेहरू थे।
29 मार्च 1942 की क्रिप्स की वार्ता-रिपोर्ट में नेहरू और आजाद—दोनों के साथ हुई बैठक का उल्लेख है।
2 अप्रैल 1942 को दोनों नेता कांग्रेस कार्यसमिति का उत्तर लेकर क्रिप्स के पास गए और रक्षा सहित प्रस्ताव के प्रमुख विषयों पर चर्चा की।
मौलाना आजाद ने क्रिप्स को लिखे पत्र में भी कहा था कि वे कमांडर-इन-चीफ से मिलने के लिए तैयार हैं और जवाहरलाल नेहरू उनके साथ रहेंगे।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
महात्मा गांधी ने क्रिप्स से मुलाकात की और कांग्रेस की नीति को प्रभावित किया, लेकिन वे आधिकारिक कांग्रेसी वार्ताकारों की इस जोड़ी में नहीं थे।
सरदार पटेल, जे.बी. कृपलानी, सी. राजगोपालचारी, राजेन्द्र प्रसाद और रफी अहमद किदवई को कांग्रेस ने आधिकारिक वार्ताकारों के रूप में नियुक्त नहीं किया था।
क्रिप्स प्रस्ताव की प्रमुख बातें:
युद्ध के बाद भारत को डोमिनियन का दर्जा देने का प्रस्ताव था।
नया संविधान बनाने के लिए संविधान-निर्मात्री संस्था गठित की जानी थी।
किसी प्रांत को नए भारतीय संघ में सम्मिलित न होने का विकल्प दिया गया था।
युद्धकाल में रक्षा का वास्तविक नियंत्रण ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ के पास रहना था।
कांग्रेस ने तत्काल सत्ता-हस्तांतरण न किए जाने, रक्षा पर भारतीयों को वास्तविक नियंत्रण न मिलने तथा प्रांतों को संघ से अलग रहने का विकल्प दिए जाने के कारण प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया।