JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2010

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—

  1. 1936 में हस्ताक्षरित ‘‘बम्बई मेनिफेस्टो’’ प्रत्यक्ष रूप से समाजवादी आदर्शों के प्रतिपादन का विरोधी था।

  2. इसको समस्त भारत के वृहत व्यापारिक समुदाय का सहयोग मिला था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A.
केवल 1
B.
केवल 2
C.
1 और 2 दोनों
D.
न तो 1 और न ही 2

Correct Answer: A

Detailed Solution

पृष्ठभूमि: अप्रैल 1936 के कांग्रेस के लखनऊ अधिवेशन में अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू ने समाजवाद को भारत की आर्थिक समस्याओं के समाधान के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने उत्पादन के साधनों और संपत्ति-संबंधों में व्यापक परिवर्तन की आवश्यकता बताई।

कथन 1 सही है।

  • नेहरू के समाजवादी विचारों की प्रतिक्रिया में 1936 में बम्बई के 21 प्रमुख व्यापारियों एवं उद्योगपतियों ने ‘बम्बई मेनिफेस्टो’ जारी किया।

  • इसके हस्ताक्षरकर्ताओं में पुरुषोत्तमदास ठाकुरदास, एन. सकलातवाला, चिमनलाल सीतलवाड़, फिरोज सेठना, कावसजी जहांगीर, वालचंद हीराचंद और ए.डी. श्रॉफ जैसे व्यवसायी सम्मिलित थे।

  • मेनिफेस्टो ने समाजवादी विचारों के प्रचार का स्पष्ट विरोध किया। हस्ताक्षरकर्ताओं का तर्क था कि ऐसे विचार निजी संपत्ति तथा तत्कालीन सामाजिक-आर्थिक संरचना को खतरे में डाल सकते हैं।

कथन 2 गलत है।

  • यह मुख्यतः बम्बई-आधारित 21 व्यवसायियों का वक्तव्य था; इसे पूरे भारत के बड़े व्यापारिक समुदाय का समर्थन प्राप्त नहीं हुआ।

  • भारतीय पूँजीपति वर्ग एकरूप नहीं था। कांग्रेस और नेहरू के प्रति विभिन्न औद्योगिक समूहों के दृष्टिकोण अलग-अलग थे।

  • जी.डी. बिड़ला ने भी मेनिफेस्टो जारी करने की रणनीति की आलोचना की। उन्होंने वालचंद हीराचंद को लिखा कि इस वक्तव्य ने पूँजीवादी व्यवस्था की सहायता करने के बजाय उसे नुकसान पहुँचाया।

  • इससे स्पष्ट है कि समाजवाद का विरोध करने वाले उद्योगपति भी नेहरू से खुले टकराव की रणनीति पर सहमत नहीं थे।

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