Previous Year Question
साइमन कमीशन की सिफारिशों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही है?
Correct Answer: A
Detailed Solution
(a) सही है।
भारत सरकार अधिनियम, 1919 ने प्रांतों में द्वैधशासन—Dyarchy लागू किया था।
इसके अंतर्गत प्रांतीय विषय दो भागों में बाँटे गए थे:
आरक्षित विषय: पुलिस, न्याय, भू-राजस्व और सिंचाई जैसे विभाग गवर्नर तथा उसकी कार्यकारी परिषद के नियंत्रण में थे।
हस्तांतरित विषय: शिक्षा, स्वास्थ्य, स्थानीय स्वशासन और कृषि जैसे विभाग भारतीय मंत्रियों को दिए गए थे।
भारतीय मंत्री विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी थे, लेकिन आरक्षित विभागों पर उनका नियंत्रण नहीं था। इससे उत्तरदायित्व विभाजित और प्रशासनिक व्यवस्था अव्यावहारिक हो गई।
1927 में नियुक्त साइमन कमीशन ने इस व्यवस्था की समीक्षा की और प्रांतों में द्वैधशासन समाप्त करके उत्तरदायी प्रांतीय सरकार स्थापित करने की सिफारिश की।
प्रस्तावित व्यवस्था में प्रांतीय विभाग विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी मंत्रियों को सौंपे जाने थे; यद्यपि गवर्नरों के लिए विशेष एवं आपातकालीन शक्तियाँ सुरक्षित रखी गई थीं।
साइमन कमीशन की रिपोर्ट 1930 में प्रस्तुत हुई। इसकी प्रांतीय सिफारिश आगे चलकर भारत सरकार अधिनियम, 1935 में दिखाई दी, जिसने प्रांतों में द्वैधशासन समाप्त करके प्रांतीय स्वायत्तता लागू की।
(b) गलत है। साइमन कमीशन ने गृह विभाग के अधीन अंतर-प्रांतीय परिषद स्थापित करने की सिफारिश नहीं की थी। उसने भारत के भावी संवैधानिक विकास में संघीय व्यवस्था की दिशा का समर्थन किया था, लेकिन विकल्प में दी गई संस्था एवं उसका गृह विभाग के अधीन होना सही नहीं है।
(c) गलत है। कमीशन ने केंद्र में द्विसदन विधायिका समाप्त करने की सिफारिश नहीं की। उसने केंद्र में तत्काल पूर्ण उत्तरदायी सरकार देने के बजाय मजबूत केंद्रीय शासन और क्रमिक संघीय विकास की कल्पना की थी।
(d) गलत है। कमीशन ने ब्रिटिश पुलिस अधिकारियों को भारतीय अधिकारियों से अधिक वेतन एवं भत्ते देने वाली भेदभावपूर्ण भारतीय पुलिस सेवा बनाने की ऐसी कोई सिफारिश नहीं की थी।
महत्त्वपूर्ण तथ्य: साइमन कमीशन में सभी सात सदस्य ब्रिटिश थे और एक भी भारतीय सदस्य नहीं था। इसलिए भारत में इसका बहिष्कार हुआ और “Simon Go Back” का नारा लगाया गया।