Previous Year Question
खेड़ा के किसानों की ओर से महात्मा गांधी द्वारा सत्याग्रह आयोजित करने का क्या कारण था?
सूखे के बावजूद प्रशासन ने भू-राजस्व वसूली को निलंबित नहीं किया।
प्रशासन ने गुजरात में स्थायी बंदोबस्त शुरू करने का प्रस्ताव रखा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन 1 सही है।
1918 में गुजरात के खेड़ा जिले में फसल व्यापक रूप से खराब हो गई थी और अकाल जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। किसान उस वर्ष भू-राजस्व देने की स्थिति में नहीं थे।
तत्कालीन भू-राजस्व नियमों के अनुसार:
यदि फसल सामान्य उत्पादन की चार आने या उससे कम, अर्थात लगभग एक-चौथाई होती, तो किसान उस वर्ष भू-राजस्व की वसूली स्थगित करने का दावा कर सकते थे।
किसानों का कहना था कि उत्पादन चार आने से कम था।
औपनिवेशिक अधिकारियों का आकलन था कि उत्पादन चार आने से अधिक था।
सरकार ने निष्पक्ष जाँच की माँग और भू-राजस्व वसूली स्थगित करने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया।
याचिकाएँ विफल होने के बाद गांधीजी ने किसानों को सत्याग्रह करने और राजस्व का भुगतान रोकने की सलाह दी। खेड़ा सत्याग्रह 22 मार्च 1918 को प्रारम्भ हुआ। इसके नेतृत्व में गांधीजी के साथ वल्लभभाई पटेल, मोहनलाल पंड्या और अन्य स्थानीय कार्यकर्ताओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका थी।
सरकार ने पशुओं और चल संपत्ति को जब्त करने तथा जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई की। अंततः यह व्यवस्था स्वीकार की गई कि सक्षम किसान राजस्व देंगे, जबकि निर्धन किसानों से उस समय वसूली नहीं की जाएगी। इस प्रकार आंदोलन का मूल विषय खराब फसल के कारण भू-राजस्व की वसूली स्थगित कराना था।
कथन 2 गलत है।
खेड़ा सत्याग्रह का कारण गुजरात में स्थायी बंदोबस्त प्रारम्भ करने का कोई प्रस्ताव नहीं था। गुजरात तत्कालीन बंबई प्रेसीडेंसी का भाग था, जहाँ मुख्यतः रैयतवाड़ी भू-राजस्व व्यवस्था प्रचलित थी। स्थायी बंदोबस्त मुख्य रूप से बंगाल, बिहार और उड़ीसा के क्षेत्रों से संबंधित था।
अतः केवल कथन 1 सही है।
कनेक्शन:
चंपारण सत्याग्रह, 1917—नील की तीनकठिया व्यवस्था
अहमदाबाद मिल हड़ताल, 1918—मिल मजदूरों का प्लेग बोनस/वेतन विवाद
खेड़ा सत्याग्रह, 1918—फसल खराब होने पर भू-राजस्व स्थगन
बारडोली सत्याग्रह, 1928—बढ़े हुए भू-राजस्व आकलन का विरोध