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भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में उषा मेहता की ख्याति
Correct Answer: A
Detailed Solution
विकल्प (a) सही है।
उषा मेहता 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान संचालित भूमिगत ‘कांग्रेस रेडियो’ अथवा ‘सीक्रेट कांग्रेस रेडियो’ से संबंधित थीं। उस समय उनकी आयु लगभग 22 वर्ष थी।
भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित होने के बाद 9 अगस्त 1942 को गांधीजी सहित कांग्रेस के अधिकांश प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। समाचार-पत्रों पर कठोर सेंसरशिप थी और कांग्रेस को प्रतिबंधित कर दिया गया था। ऐसी स्थिति में कांग्रेस रेडियो का उद्देश्य था:
गिरफ्तार राष्ट्रीय नेताओं के संदेश जनता तक पहुँचाना।
भारत छोड़ो आंदोलन की वास्तविक घटनाओं का प्रसारण करना।
ब्रिटिश सेंसरशिप के कारण समाचार-पत्रों में प्रकाशित न होने वाली खबरें प्रसारित करना।
आंदोलनकारियों और जनता का उत्साह बनाए रखना।
देश के विभिन्न भागों में जारी आंदोलन के बीच संपर्क स्थापित करना।
रेडियो से अंग्रेजी और हिंदुस्तानी दोनों भाषाओं में प्रसारण किया जाता था। इसका प्रसिद्ध उद्घोष था—“This is the Congress Radio calling on 42.34 metres from somewhere in India.”
उषा मेहता के साथ विट्ठलभाई झवेरी, चंद्रकांत झवेरी और बाबूभाई खाखर जैसे सहयोगी जुड़े थे। राममनोहर लोहिया और अच्युत पटवर्धन के संदेश भी इसके माध्यम से प्रसारित किए गए। ब्रिटिश पुलिस से बचने के लिए ट्रांसमीटर का स्थान बार-बार बदला जाता था। अंततः 12 नवंबर 1942 को पुलिस ने रेडियो का पता लगा लिया और उषा मेहता को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें चार वर्ष के कारावास की सजा हुई।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?
विकल्प (b): द्वितीय गोलमेज सम्मेलन 1931 में हुआ था। इसमें गांधीजी कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि थे; उषा मेहता ने इसमें भाग नहीं लिया।
विकल्प (c): उषा मेहता ने आजाद हिंद फौज की किसी टुकड़ी का नेतृत्व नहीं किया। आजाद हिंद फौज की महिला रानी झाँसी रेजिमेंट का नेतृत्व कैप्टन लक्ष्मी स्वामीनाथन—बाद में लक्ष्मी सहगल—ने किया।
विकल्प (d): जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार 1946 में बनी थी। उषा मेहता की प्रसिद्धि उसके गठन में किसी भूमिका के कारण नहीं है।