JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2011

Previous Year Question

महात्मा गांधी ने कहा था कि उनकी कुछ सबसे गहन धारणाएँ ‘अन्टु दिस लास्ट’ नामक पुस्तक में प्रतिबिम्बित होती हैं और इस पुस्तक ने उनके जीवन को बदल डाला। इस पुस्तक का वह क्या संदेश था जिसने महात्मा गांधी के जीवन को बदल डाला?

A.
सुशिक्षित व्यक्ति का यह नैतिक दायित्व है कि वह शोषित और गरीबों का उत्थान करे।
B.
व्यक्ति का कल्याण सबके कल्याण में निहित है।
C.
उच्च जीवन के लिये आध्यात्मिक चिंतन और ब्रह्मचर्य अनिवार्य है।
D.
इस संदर्भ में उपर्युक्त सभी (a), (b) और (c) कथन सही हैं।

Correct Answer: B

Detailed Solution

‘Unto This Last’ जॉन रस्किन द्वारा लिखी गई पुस्तक है। गांधीजी ने 1904 में दक्षिण अफ्रीका में जोहान्सबर्ग से डरबन की रेल यात्रा के दौरान इसे पढ़ा था। यह पुस्तक उन्हें उनके मित्र हेनरी पोलक ने दी थी।

गांधीजी के अनुसार, पुस्तक ने उनके जीवन में तत्काल और व्यावहारिक परिवर्तन उत्पन्न किया। उन्होंने इससे तीन प्रमुख सिद्धांत ग्रहण किए:

  1. व्यक्ति का कल्याण सबके कल्याण में निहित है।

  2. वकील के कार्य का मूल्य नाई के कार्य के समान है, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति को अपने श्रम से आजीविका कमाने का समान अधिकार है।

  3. श्रमजीवी—किसान और दस्तकार—का जीवन ही जीने योग्य जीवन है।

इन शिक्षाओं में पहला सिद्धांत पुस्तक का मूल संदेश था। दूसरे और तीसरे सिद्धांत को भी गांधीजी ने पहले सिद्धांत में निहित माना। इसलिए विकल्प (b) सही है।

गांधीजी ने बाद में इस पुस्तक का गुजराती में सारानुवाद किया और उसका नाम ‘सर्वोदय’ रखा, जिसका अर्थ है—सबका उदय अथवा सबका कल्याण। इस विचार ने उनके सामूहिक कल्याण, श्रम की समानता और श्रम की गरिमा संबंधी दर्शन को प्रभावित किया।

  • विकल्प (a) गलत है: यह विचार गांधीजी के सामाजिक कार्यों के अनुकूल है, लेकिन गांधीजी द्वारा बताई गई पुस्तक की तीन विशिष्ट शिक्षाओं में इस रूप में शामिल नहीं था।

  • विकल्प (c) गलत है: ब्रह्मचर्य और आध्यात्मिक चिंतन गांधीजी के जीवन में महत्त्वपूर्ण थे, लेकिन ये ‘Unto This Last’ से प्राप्त उल्लिखित शिक्षाएँ नहीं थीं।

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