Previous Year Question
रौलेट एक्ट का लक्ष्य था
Correct Answer: B
Detailed Solution
विकल्प (b) सही है।
रौलेट एक्ट का आधिकारिक नाम Anarchical and Revolutionary Crimes Act, 1919 था। यह न्यायमूर्ति सिडनी रौलेट की अध्यक्षता वाली राजद्रोह समिति की सिफारिशों पर आधारित था। इसका उद्देश्य प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान सरकार को प्राप्त दमनकारी आपातकालीन शक्तियों को शांतिकाल में भी जारी रखना और कथित क्रांतिकारी गतिविधियों को दबाना था।
इसकी प्रमुख विशेषताएँ थीं:
संदिग्ध व्यक्तियों को सामान्य मुकदमा चलाए बिना बंदी बनाया जा सकता था।
राजनीतिक और क्रांतिकारी अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायिक प्रक्रिया की व्यवस्था थी।
कुछ मामलों की सुनवाई उच्च न्यायालय के तीन न्यायाधीशों वाली विशेष पीठ कर सकती थी।
सामान्य जूरी और अपील जैसी न्यायिक सुरक्षा सीमित कर दी गई थी।
इसने कार्यपालिका को व्यक्ति की स्वतंत्रता पर व्यापक नियंत्रण प्रदान किया।
इसी कारण भारतीयों ने इसे काला कानून या Black Act कहा।
महात्मा गांधी ने इसके विरोध में रौलेट सत्याग्रह प्रारम्भ किया। 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल आयोजित हुई। इसके विरुद्ध आंदोलन और पंजाब में सरकारी दमन की पृष्ठभूमि में 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड हुआ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?
विकल्प (a): अधिनियम का संबंध युद्ध के लिए अनिवार्य आर्थिक सहायता प्राप्त करने से नहीं था। यह मुख्यतः राजनीतिक दमन और असाधारण न्यायिक शक्तियों से संबंधित था।
विकल्प (c): खिलाफत आंदोलन रौलेट एक्ट का विशिष्ट लक्ष्य नहीं था। इसका विकास मुख्यतः 1919–20 में तुर्की के खलीफा के प्रश्न पर हुआ।
विकल्प (d): औपनिवेशिक सरकार ने प्रेस पर नियंत्रण के लिए भारतीय प्रेस अधिनियम, 1910 जैसे अन्य कानून बनाए थे। रौलेट एक्ट की सबसे प्रत्यक्ष और विशिष्ट पहचान बिना सामान्य मुकदमे के बंदीकरण तथा संक्षिप्त विशेष न्यायिक प्रक्रिया थी।
कनेक्शन:
रौलेट एक्ट—राजद्रोह समिति की सिफारिश
अध्यक्ष—न्यायमूर्ति सिडनी रौलेट
वर्ष—1919
6 अप्रैल 1919—रौलेट सत्याग्रह की देशव्यापी हड़ताल
13 अप्रैल 1919—जलियांवाला बाग हत्याकांड
वायसराय—लॉर्ड चेम्सफोर्ड