JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2014

Previous Year Question

1905 में लॉर्ड कर्ज़न द्वारा किया गया बंगाल का विभाजन कब तक बना रहा?

A.
प्रथम विश्वयुद्ध तक, जिसमें अंग्रेज़ों को भारतीय सैनिकों की आवश्यकता पड़ी और विभाजन समाप्त किया गया
B.
सम्राट जॉर्ज पंचम द्वारा दिल्ली में 1911 के शाही दरबार में कर्ज़न के अधिनियम को निराकृत किये जाने तक
C.
महात्मा गाँधी द्वारा अपना सविनय अवज्ञा आन्दोलन आरम्भ करने तक
D.
भारत के 1947 में हुए विभाजन तक, जब पूर्वी बंगाल, पूर्वी पाकिस्तान बन गया

Correct Answer: B

Detailed Solution

  1. विकल्प (b) सही है। लॉर्ड कर्ज़न की सरकार ने बंगाल-विभाजन की घोषणा जुलाई 1905 में की और इसे 16 अक्टूबर, 1905 से लागू किया। पूर्वी बंगाल और असम को मिलाकर एक नया प्रान्त बनाया गया, जिसकी राजधानी ढाका थी।

  1. ब्रिटिश सरकार ने प्रशासनिक सुविधा को विभाजन का कारण बताया, लेकिन राष्ट्रवादियों ने इसे बंगाली भाषायी एकता को तोड़ने तथा हिन्दुओं और मुसलमानों को विभाजित करने वाली ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति माना।

  1. बंगाल-विभाजन के विरोध से स्वदेशी और बहिष्कार आन्दोलन का विस्तार हुआ। विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार, स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग, राष्ट्रीय शिक्षा और जनसभाएँ इसके प्रमुख रूप थे। इस आन्दोलन ने बंगाल के प्रश्न को अखिल भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में बदल दिया।

  1. व्यापक राजनीतिक विरोध के कारण सम्राट जॉर्ज पंचम ने 12 दिसम्बर, 1911 को दिल्ली दरबार में बंगाल-विभाजन को निरस्त करने की घोषणा की। उसी अवसर पर ब्रिटिश भारत की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानान्तरित करने की घोषणा भी की गई। नया प्रशासनिक पुनर्गठन 1912 में प्रभावी हुआ।

  1. पुनर्गठन के अंतर्गत बंगाली भाषी क्षेत्रों को पुनः मिलाया गया, बिहार और उड़ीसा का अलग प्रान्त बनाया गया तथा असम को फिर अलग प्रशासनिक इकाई बनाया गया।

  1. विकल्प (a) गलत है: प्रथम विश्वयुद्ध 1914 में आरम्भ हुआ, जबकि बंगाल-विभाजन 1911 में ही निरस्त किया जा चुका था।
    विकल्प (c) गलत है: सविनय अवज्ञा आन्दोलन 1930 में आरम्भ हुआ।
    विकल्प (d) गलत है: 1947 का भारत-विभाजन एक अलग ऐतिहासिक घटना थी; कर्ज़न का बंगाल-विभाजन 1911 में ही समाप्त हो गया था।

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