Previous Year Question
कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
इसने ब्रिटिश माल के बहिष्कार और करों के अपवंचन (इवेज़न) की वकालत की।
यह सर्वहारा-वर्ग का अधिनायकत्व स्थापित करना चाहती थी।
इसने अल्पसंख्यकों तथा दलित वर्गों के लिए पृथक् निर्वाचन-क्षेत्र की वकालत की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct Answer: D
Detailed Solution
कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी (CSP) का गठन 1934 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर एक समाजवादी समूह के रूप में हुआ। इसकी पहली अखिल भारतीय बैठक 17 मई, 1934 को पटना में आचार्य नरेन्द्र देव की अध्यक्षता में हुई। जयप्रकाश नारायण इसके प्रमुख संस्थापकों एवं संगठनकर्ताओं में थे।
कथन 1 गलत है। ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार और कर न देना व्यापक राष्ट्रीय आन्दोलन तथा कांग्रेस के असहयोग एवं सविनय अवज्ञा कार्यक्रमों से जुड़ी कार्य-पद्धतियाँ थीं। इन्हें कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के विशिष्ट वैचारिक कार्यक्रम के रूप में स्वीकार नहीं किया गया था। CSP का मुख्य बल समाजवादी पुनर्निर्माण, किसानों-मजदूरों के संगठन और साम्राज्यवाद-विरोध पर था।
कथन 2 गलत है। CSP समाजवाद की समर्थक थी, लेकिन उसका घोषित उद्देश्य साम्यवादी पद्धति वाला “सर्वहारा-वर्ग का अधिनायकत्व” स्थापित करना नहीं था। वह राष्ट्रीय आन्दोलन और कांग्रेस के भीतर काम करते हुए समाजवादी व्यवस्था स्थापित करना चाहती थी।
कथन 3 गलत है। CSP ने अल्पसंख्यकों और दलित वर्गों के लिए पृथक् निर्वाचन-क्षेत्र की वकालत नहीं की। पृथक् निर्वाचक मंडल समाज और राष्ट्रीय आन्दोलन को सामुदायिक आधार पर विभाजित करते थे, जबकि समाजवादी नेतृत्व किसानों, मजदूरों तथा उत्पीड़ित वर्गों की संयुक्त राजनीतिक लामबंदी पर बल देता था।