Previous Year Question
निम्नलिखित में से किस आन्दोलन के कारण भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का विभाजन हुआ जिसके परिणामस्वरूप ‘नरम दल’ और ‘गरम दल’ का उद्भव हुआ?
Correct Answer: A
Detailed Solution
स्वदेशी आन्दोलन सही उत्तर है। 1905 के बंगाल विभाजन के विरोध में स्वदेशी और बहिष्कार को राजनीतिक हथियार के रूप में अपनाया गया। आन्दोलन ने कांग्रेस के भीतर पहले से मौजूद वैचारिक मतभेदों को तीव्र कर दिया।
1906 का कलकत्ता अधिवेशन: दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में कांग्रेस ने स्वराज, स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा से सम्बन्धित प्रस्ताव स्वीकार किए।
दोनों गुटों का मतभेद:
नरम दल संवैधानिक साधनों, प्रार्थना-पत्रों, वार्ताओं और क्रमिक सुधारों पर बल देता था।
गरम दल स्वदेशी, व्यापक बहिष्कार, निष्क्रिय प्रतिरोध और जन-आन्दोलन जैसे अधिक प्रभावशाली तरीकों का समर्थक था। इसके प्रमुख नेताओं में बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय और अरविन्द घोष सम्मिलित थे।
1907 का सूरत अधिवेशन: नरम दल के नेताओं ने कलकत्ता अधिवेशन के स्वराज, स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा सम्बन्धी प्रस्तावों से पीछे हटने का प्रयास किया। सूरत अधिवेशन के विषयों की सूची में इन प्रस्तावों को शामिल नहीं किया गया था।
नरम दल रास बिहारी घोष को अध्यक्ष बनाना चाहता था, जबकि गरम दल लाला लाजपत राय का समर्थन कर रहा था। तिलक को बोलने से रोके जाने के बाद अधिवेशन में अव्यवस्था फैल गई और कांग्रेस का नरम दल तथा गरम दल में विभाजन हो गया।
दूसरे विकल्प इस विभाजन से बहुत बाद के हैं:
असहयोग आन्दोलन — 1920
सविनय अवज्ञा आन्दोलन — 1930
भारत छोड़ो आन्दोलन — 1942
अतः सही उत्तर स्वदेशी आन्दोलन है।