Previous Year Question
‘स्वदेशी’ और ‘बहिष्कार’ पहली बार किस घटना के दौरान संघर्ष की विधि के रूप में अपनाए गए थे?
Correct Answer: A
Detailed Solution
‘स्वदेशी’ और ‘बहिष्कार’ को पहली बार बंगाल विभाजन के विरुद्ध आंदोलन के दौरान संघर्ष की प्रमुख विधियों के रूप में अपनाया गया।
वायसराय लॉर्ड कर्ज़न ने 1905 में बंगाल के विभाजन की घोषणा की। विभाजन 16 अक्टूबर, 1905 से प्रभावी हुआ। इसका प्रशासनिक औचित्य प्रस्तुत किया गया था, लेकिन राष्ट्रवादियों ने इसे बंगाल को धार्मिक आधार पर बाँटकर राष्ट्रीय एकता कमजोर करने वाली ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति माना।
स्वदेशी का अर्थ भारत में निर्मित वस्तुओं को अपनाना और देशी उद्योगों को प्रोत्साहित करना था। बहिष्कार का अर्थ ब्रिटिश तथा अन्य विदेशी वस्तुओं का त्याग करना था। विदेशी कपड़ों की होली जलाई गई और भारतीय कपड़े एवं अन्य स्वदेशी उत्पाद राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के प्रतीक बने।
बहिष्कार बाद में केवल विदेशी वस्तुओं तक सीमित नहीं रहा। सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य औपनिवेशिक संस्थाओं के बहिष्कार का भी आह्वान हुआ। इसके साथ राष्ट्रीय शिक्षा, स्वदेशी उद्योग और निष्क्रिय प्रतिरोध आंदोलन के महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम बने।
रवीन्द्रनाथ टैगोर, सुरेन्द्रनाथ बनर्जी, बिपिन चन्द्र पाल, अरविंद घोष और अश्विनी कुमार दत्त जैसे नेताओं ने आंदोलन को आगे बढ़ाया। दिसंबर 1906 के कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में स्वराज, स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा को स्वीकार किया गया।