Previous Year Question
उन्होंने मेजिनी, गैरीबाल्डी, शिवाजी तथा श्रीकृष्ण की जीवनी लिखी; वे अमेरिका में कुछ समय के लिए रहे; तथा वे केन्द्रीय सभा के सदस्य भी निर्वाचित हुए। वे थे
Correct Answer: C
Detailed Solution
लाला लाजपत राय ने मेजिनी, गैरीबाल्डी, शिवाजी और श्रीकृष्ण की जीवनियाँ लिखीं। उन्होंने स्वामी दयानंद की जीवनी भी लिखी थी। इन जीवनियों का उद्देश्य युवाओं के सामने साहस, राष्ट्रभक्ति और त्याग के आदर्श प्रस्तुत करना था।
प्रथम विश्व युद्ध के समय लाला लाजपत राय अमेरिका में रहे। उनका अमेरिका प्रवास मुख्यतः 1914 से 1919 के बीच था। उन्होंने न्यूयॉर्क में इंडिया होम रूल लीग ऑफ अमेरिका की स्थापना की और उसके मुखपत्र Young India के माध्यम से भारत की स्वतंत्रता का पक्ष रखा।
लाला लाजपत राय को ‘पंजाब केसरी’ कहा जाता था। वे बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चन्द्र पाल के साथ प्रसिद्ध राष्ट्रवादी त्रयी ‘लाल-बाल-पाल’ के सदस्य थे।
वे 1920 के कलकत्ता विशेष अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष बने और 1921 में सर्वेंट्स ऑफ द पीपल सोसाइटी की स्थापना की। वे केन्द्रीय विधान सभा के सदस्य भी निर्वाचित हुए।
अन्य विकल्पों में अरविंद घोष क्रांतिकारी राष्ट्रवादी और दार्शनिक थे; बिपिन चन्द्र पाल ‘लाल-बाल-पाल’ के सदस्य थे; तथा मोतीलाल नेहरू स्वराज पार्टी और नेहरू रिपोर्ट से संबंधित थे। किंतु प्रश्न में दी गई जीवनियों, अमेरिका प्रवास और केन्द्रीय सभा की सदस्यता—इन तीनों का संयुक्त संबंध लाला लाजपत राय से है।