Previous Year Question
स्वतंत्रता संग्राम के समय लिखी गई सखाराम गणेश देउस्कर की पुस्तक “देशेर कथा” के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
इस पुस्तक ने औपनिवेशिक राज्य द्वारा मस्तिष्क की सम्मोहक विजय के विरोध में चेतावनी दी।
इस पुस्तक ने स्वदेशी नुक्कड़ नाटकों तथा लोक गीतों को प्रेरित किया।
देउस्कर द्वारा ‘देश’ शब्द का प्रयोग, बंगाल क्षेत्र के विशिष्ट संदर्भ में किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं ?
Correct Answer: A
Detailed Solution
देशेर कथा सखाराम गणेश देउस्कर द्वारा बंगाली भाषा में लिखी गई और 1904 में प्रकाशित हुई। इसका उद्देश्य भारतीय जनता को अपने इतिहास, तत्कालीन परिस्थितियों तथा ब्रिटिश शासन द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था के शोषण से अवगत कराना था।
पुस्तक ने समझाया कि औपनिवेशिक शासन केवल राजनीतिक और आर्थिक नियंत्रण तक सीमित नहीं था; वह भारतीयों की चेतना तथा विचारों को भी अपने प्रभाव में लेने का प्रयास कर रहा था। इसी अर्थ में इसने औपनिवेशिक राज्य की “मस्तिष्क की सम्मोहक विजय” के विरुद्ध चेतावनी दी। इसलिए कथन 1 सही है।
इस पुस्तक के विचारों ने स्वदेशी नुक्कड़ नाटकों और लोकगीतों को प्रेरित किया। इन सांस्कृतिक माध्यमों ने स्वदेशी, आर्थिक आत्मनिर्भरता और उपनिवेशवाद-विरोधी विचारों को व्यापक जनता तक पहुँचाने में सहायता की। इसलिए कथन 2 सही है।
स्वदेशी आंदोलन के दौरान इस पुस्तक का युवाओं पर व्यापक प्रभाव पड़ा। ब्रिटिश शासन द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था के शोषण को उजागर करने के कारण औपनिवेशिक सरकार ने 28 सितम्बर 1910 को इस पुस्तक पर प्रतिबंध लगा दिया।
यद्यपि पुस्तक बंगाली भाषा में लिखी गई थी और उसका बंगाल में विशेष प्रभाव पड़ा, देउस्कर का ‘देश’ शब्द केवल बंगाल के लिए प्रयुक्त नहीं था। इसका व्यापक संदर्भ भारतीय राष्ट्र अथवा सम्पूर्ण भारत था। इसलिए कथन 3 गलत है।