JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2020

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन औद्योगिक क्रान्ति के द्वारा उन्नीसवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में भारत पर पड़े प्रभाव की सही व्याख्या करता है ?

A.
भारतीय दस्तकारी-उद्योग नष्ट हो गए थे।
B.
भारत के वस्त्र-उद्योग में मशीनों का बड़ी संख्या में प्रवेश हुआ था।
C.
देश के अनेक भागों में रेलवे लाइनें बिछाई गई थीं।
D.
ब्रिटिश उत्पादन के आयात पर भारी शुल्क लगाया गया था।

Correct Answer: A

Detailed Solution

  1. ब्रिटेन की औद्योगिक क्रान्ति के कारण कताई और बुनाई में मशीनों तथा भाप-शक्ति का प्रयोग बढ़ा। इससे ब्रिटिश कारखानों में वस्त्रों का बड़े पैमाने पर और कम लागत में उत्पादन होने लगा।

  2. औपनिवेशिक व्यापार-नीति ने भारतीय वस्त्रों पर ब्रिटेन में भारी आयात शुल्क लगाया, जबकि ब्रिटेन में बने कारखाना-उत्पादों को भारत में बहुत कम शुल्क पर आने दिया गया। परिणामस्वरूप भारतीय उत्पादकों ने विदेशी और घरेलू—दोनों बाजार खो दिए।

  3. भारत के वस्त्र-निर्यात में तेज गिरावट आई और सस्ते ब्रिटिश कारखाना-निर्मित वस्त्र भारतीय बाजार में फैल गए। भारतीय बुनकरों तथा अन्य दस्तकारों की आय घटी, अनेक कारीगर निर्धन हुए और उन्हें निर्वाह कृषि की ओर लौटना पड़ा। इस प्रक्रिया को भारतीय हस्तशिल्प का पतन अथवा विऔद्योगीकरण कहा जाता है। इसलिए विकल्प (a) सही है।

  4. विकल्प (b) गलत है क्योंकि भारत में आधुनिक मशीन-आधारित वस्त्र-मिल उद्योग का विस्तार बाद में हुआ। बम्बई में पहली सफल आधुनिक सूती मिल 1854 में स्थापित हुई, जो उन्नीसवीं शताब्दी के पूर्वार्ध के बाद की घटना है।

  5. विकल्प (c) गलत है क्योंकि भारत की पहली यात्री रेलगाड़ी 16 अप्रैल 1853 को बम्बई और ठाणे के बीच चली। देश के अनेक भागों में रेलवे लाइनों का विस्तार इसके बाद हुआ।

  6. विकल्प (d) गलत है क्योंकि वास्तविक नीति इसके विपरीत थी—ब्रिटेन में भारतीय वस्त्रों पर भारी शुल्क लगाया गया, जबकि ब्रिटिश उत्पाद भारत में बहुत कम शुल्क पर आयात किए गए।

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