JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2020

Previous Year Question

निम्नलिखित में से किस कारण से भारत में बीसवीं शताब्दी के आरम्भ में नील की खेती का ह्रास हुआ ?

A.
नील के उत्पादकों के अत्याचारी आचरण के प्रति काश्तकारों का विरोध
B.
नई खोजों के कारण विश्व बाजार में इसका अलाभकर होना
C.
नील की खेती का राष्ट्रीय नेताओं द्वारा विरोध किया जाना
D.
उत्पादकों के ऊपर सरकार का नियंत्रण

Correct Answer: B

Detailed Solution

  1. उन्नीसवीं शताब्दी के अंत में कृत्रिम नील विकसित किया गया। जर्मन कंपनियों BASF और Hoechst ने 1897 में अपेक्षाकृत सस्ता और अधिक शुद्ध कृत्रिम नील अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रस्तुत किया।

  2. कृत्रिम नील से प्रतिस्पर्धा के कारण भारत में उत्पादित प्राकृतिक नील की मांग, कीमत और लाभप्रदता घट गई। इसलिए बीसवीं शताब्दी के आरम्भ तक भारत में नील की खेती का ह्रास होने लगा।

  3. विकल्प (a) और (c) सही नहीं हैं—1859–60 के नील विद्रोह तथा 1917 के चंपारण सत्याग्रह में काश्तकारों और राष्ट्रीय नेताओं ने नील उत्पादकों की शोषणकारी व्यवस्था का विरोध किया था, लेकिन प्रश्न में पूछे गए व्यापक ह्रास का प्रमुख कारण विश्व बाजार में कृत्रिम नील से प्रतिस्पर्धा था।

  4. विकल्प (d) सही नहीं है—उत्पादकों के ऊपर सरकारी नियंत्रण नील की खेती के ह्रास का निर्णायक कारण नहीं था; निर्णायक कारण प्राकृतिक नील का आर्थिक रूप से अलाभकर हो जाना था।

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