JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2025

Previous Year Question

“राजद्रोह मेरा धर्म बन गया है” यह प्रसिद्ध कथन गांधीजी ने किस समय दिया था?

A.
चंपारण सत्याग्रह
B.
दांडी में सार्वजनिक रूप से नमक कानून का उल्लंघन
C.
लंदन में द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेना
D.
भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत

Correct Answer: B

Detailed Solution

गांधीजी ने 12 मार्च, 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी मार्च प्रारंभ किया। 6 अप्रैल, 1930 को दांडी पहुँचकर उन्होंने समुद्र के पानी से नमक बनाकर ब्रिटिश नमक कानून का सार्वजनिक रूप से उल्लंघन किया। इसी अवसर से यह प्रसिद्ध कथन संबद्ध है—

“राजद्रोह मेरा धर्म बन गया है।”

यहाँ ‘राजद्रोह’ का अर्थ हिंसक विद्रोह नहीं था। गांधीजी अन्यायपूर्ण औपनिवेशिक कानूनों की अहिंसक सविनय अवज्ञा को अपना नैतिक कर्तव्य मानते थे। नमक कानून का उल्लंघन सविनय अवज्ञा आंदोलन का प्रतीकात्मक आरंभ बना।

अन्य विकल्पों की स्पष्टता:

  • (a) चंपारण सत्याग्रह: 1917 में नील की खेती और ‘तीनकठिया प्रथा’ से संबंधित था।

  • (c) द्वितीय गोलमेज सम्मेलन: गांधीजी ने 1931 में लंदन में कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया। यह वार्ता का चरण था।

  • (d) भारत छोड़ो आंदोलन: अगस्त 1942 में आरंभ हुआ और इससे गांधीजी का “करो या मरो” आह्वान संबंधित है।

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