JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2025

Previous Year Question

असहयोग आंदोलन के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

I. काँग्रेस ने घोषणा की कि सभी वैध और शांतिपूर्ण तरीकों से ‘स्वराज’ प्राप्त करना उसका उद्देश्य है।
II. इसे चरणों में कार्यान्वित किया जाना था, जिसमें सविनय अवज्ञा और करों का भुगतान न करना अगले चरण के लिए थे, केवल तब, जब ‘स्वराज’ एक वर्ष में प्राप्त न होता और सरकार दमन पर उतर आती।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा / कौन-से सही है/हैं?

A.
केवल I
B.
केवल II
C.
I और II दोनों
D.
न तो I और न ही II

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन I — सही

दिसंबर 1920 के नागपुर अधिवेशन में कांग्रेस के उद्देश्य को पुनर्परिभाषित किया गया। कांग्रेस का उद्देश्य भारत के लोगों द्वारा “सभी वैध और शांतिपूर्ण तरीकों से स्वराज की प्राप्ति” निर्धारित किया गया।

इस परिवर्तन में पुराने शब्द “संवैधानिक साधनों” के स्थान पर “वैध और शांतिपूर्ण तरीकों” को स्वीकार किया गया। इससे कांग्रेस को संवैधानिक राजनीति तक सीमित न रहते हुए शांतिपूर्ण असहयोग जैसे उपाय अपनाने की अनुमति मिली।

कथन II — सही

असहयोग आंदोलन को चरणों में लागू करने की योजना थी।

प्रारंभिक चरण में उपाधियों का त्याग तथा सरकारी शिक्षण संस्थाओं, न्यायालयों, विधान परिषदों और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया जाना था। इसके साथ राष्ट्रीय शिक्षण संस्थाओं, खादी और स्वदेशी विकल्पों को विकसित करना था।

यदि एक वर्ष के भीतर स्वराज प्राप्त नहीं होता और सरकार दमन का सहारा लेती, तो अगले चरण में सविनय अवज्ञा तथा करों का भुगतान न करना शामिल किया जाना था।

यहाँ अंतर ध्यान देने योग्य है:

  • असहयोग: औपनिवेशिक शासन को स्वेच्छा से दिया जाने वाला सहयोग वापस लेना।

  • सविनय अवज्ञा: अन्यायपूर्ण कानूनों का खुले रूप से उल्लंघन करना और दंड स्वीकार करना।

अतः दोनों कथन सही हैं और सही उत्तर (c) I और II दोनों है।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.