Previous Year Question
असहयोग कार्यक्रम के बारे में, निम्नलिखित विषयों पर विचार कीजिए:
I. न्यायालयों और विदेशी वस्त्र का बहिष्कार
II. अहिंसा का कठोर अनुपालन
III. उपाधियों और सम्मानों का, उनका सार्वजनिक उपयोग न करते हुए, प्रतिधारण
IV. विवादों के निपटारे के लिए पंचायतों की स्थापना
उपर्युक्त में से कितने असहयोग कार्यक्रम के अवयव हैं?
Correct Answer: C
Detailed Solution
I. न्यायालयों और विदेशी वस्त्र का बहिष्कार — सही
असहयोग कार्यक्रम में ब्रिटिश न्यायालयों का बहिष्कार, वकीलों द्वारा वकालत छोड़ना तथा विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार शामिल था। विदेशी वस्त्रों के स्थान पर स्वदेशी, खादी, चरखा और हाथ से कताई-बुनाई को प्रोत्साहित किया गया।
II. अहिंसा का कठोर अनुपालन — सही
असहयोग आंदोलन को पूर्णतः शांतिपूर्ण और अहिंसक बनाए रखना इसकी अनिवार्य शर्त थी। गांधीजी के लिए अहिंसा केवल एक आदर्श नहीं, बल्कि आंदोलन का अनुशासन और कार्य-पद्धति थी। इसी कारण चौरी-चौरा की हिंसक घटना के बाद आंदोलन वापस ले लिया गया।
III. उपाधियों और सम्मानों का प्रतिधारण — गलत
कार्यक्रम में ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रदान की गई उपाधियों और सम्मानों को बनाए रखना नहीं, बल्कि उनका त्याग अथवा समर्पण करना शामिल था। गांधीजी ने स्वयं ‘कैसर-ए-हिंद’ पदक सहित सरकार द्वारा प्रदान किए गए पदक लौटा दिए थे।
IV. विवादों के निपटारे के लिए पंचायतों की स्थापना — सही
ब्रिटिश न्यायालयों के विकल्प के रूप में पंचायतों अथवा मध्यस्थता न्यायालयों की स्थापना की जानी थी, ताकि भारतीय अपने विवादों का निपटारा स्वदेशी संस्थाओं के माध्यम से कर सकें।