JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2014

Previous Year Question

महारानी विक्टोरिया की उद्घोषणा (1858) का/के उद्देश्य क्या था/थे?

  1. भारतीय राज्यों को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाने के किसी भी विचार का परित्याग करना

  2. भारतीय प्रशासन को ब्रिटिश क्राउन के अन्तर्गत रखना

  3. भारत के साथ ईस्ट इन्डिया कम्पनी के व्यापार का नियमन करना

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए।

A.
केवल 1 और 2
B.
केवल 1 और 2
C.
केवल 1 और 3
D.
1, 2 और 3

Correct Answer: A

Detailed Solution

  1. भारतीय राज्यों के विलय का परित्याग—सही

  • उद्घोषणा में कहा गया कि ब्रिटिश सरकार अपने तत्कालीन क्षेत्रीय अधिकारों का और विस्तार नहीं चाहती।

  • देशी राजाओं के साथ ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा की गई संधियों को स्वीकार करने और उनका पालन करने का आश्वासन दिया गया।

  • उनके अधिकार, प्रतिष्ठा और सम्मान की रक्षा करने का वचन भी दिया गया।

  • इसका आशय व्यपगत सिद्धान्त जैसी विलयकारी नीति को त्यागकर रियासतों को आश्वस्त करना था।

  • हालाँकि इससे भारतीय रियासतों पर ब्रिटिश सर्वोच्चता और राजनीतिक नियंत्रण समाप्त नहीं हुआ।

  1. भारतीय प्रशासन को ब्रिटिश क्राउन के अन्तर्गत रखना—सही

  • भारत सरकार अधिनियम, 1858 ने ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त करके भारतीय प्रशासन ब्रिटिश क्राउन को हस्तांतरित कर दिया।

  • महारानी विक्टोरिया की उद्घोषणा ने इस सत्ता-हस्तांतरण की औपचारिक घोषणा की।

  • यह उद्घोषणा 1 नवंबर 1858 को इलाहाबाद में लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ी गई।

  • लॉर्ड कैनिंग ब्रिटिश क्राउन के प्रतिनिधि के रूप में भारत के प्रथम वायसराय बने।

  1. ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापार का नियमन—गलत

  • 1858 की उद्घोषणा का उद्देश्य कंपनी के व्यापार को विनियमित करना नहीं था।

  • चार्टर अधिनियम, 1833 के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी की व्यापारिक गतिविधियाँ समाप्त हो चुकी थीं और वह मुख्यतः प्रशासनिक संस्था रह गई थी।

  • उद्घोषणा का संबंध प्रशासनिक सत्ता के हस्तांतरण और भावी शासन-नीति से था।

उद्घोषणा में धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप न करने, कानून के समक्ष निष्पक्ष संरक्षण और योग्यता के आधार पर सार्वजनिक सेवाओं में प्रवेश का आश्वासन भी दिया गया था।

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