Previous Year Question
निम्नलिखित में से किससे/किनसे भारत में अंग्रेज़ी शिक्षा की नींव पड़ी ?
1813 का चार्टर ऐक्ट
जनरल कमेटी ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन, 1823
प्राच्यवाद एवं आंग्लवाद विवाद
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
Correct Answer: D
Detailed Solution
भारत में अंग्रेज़ी शिक्षा की नींव किसी एक घटना से नहीं, बल्कि इन तीनों घटनाओं के क्रमिक विकास से पड़ी थी।
1813 का चार्टर ऐक्ट:
इस ऐक्ट ने पहली बार भारत में शिक्षा के प्रति ईस्ट इंडिया कंपनी की जिम्मेदारी को कानूनी मान्यता दी।
भारतीयों में साहित्य के पुनरुद्धार तथा वैज्ञानिक ज्ञान के प्रसार के लिए प्रतिवर्ष कम-से-कम एक लाख रुपये निर्धारित किए गए।
ऐक्ट ने यह स्पष्ट नहीं किया कि धन अंग्रेज़ी और पाश्चात्य शिक्षा पर खर्च होगा अथवा संस्कृत, अरबी और फारसी जैसी प्राच्य शिक्षा पर। यही अस्पष्टता आगे विवाद का कारण बनी।
जनरल कमेटी ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन, 1823:
इसकी स्थापना बंगाल में शैक्षणिक अनुदान के प्रशासन और शिक्षा-नीति को लागू करने के लिए की गई थी।
प्रारंभ में समिति पर प्राच्यवादियों का प्रभाव था। इसलिए इसने संस्कृत, अरबी और फारसी शिक्षा तथा प्राच्य संस्थाओं को संरक्षण दिया।
बाद में समिति के सदस्य प्राच्यवादी और आंग्लवादी गुटों में विभाजित हो गए।
प्राच्यवाद एवं आंग्लवाद विवाद:
प्राच्यवादी भारतीय शास्त्रीय भाषाओं और पारंपरिक ज्ञान के माध्यम से शिक्षा देने के पक्ष में थे।
आंग्लवादी अंग्रेज़ी भाषा के माध्यम से यूरोपीय साहित्य, विज्ञान और दर्शन पढ़ाने के पक्ष में थे।
मैकॉले के 2 फरवरी, 1835 के शिक्षा संबंधी विवरण-पत्र और लॉर्ड विलियम बेंटिंक के 1835 के निर्णय से यह विवाद आंग्लवादियों के पक्ष में निर्णायक रूप से झुक गया।
इसके बाद सरकारी शैक्षणिक धन का प्रमुख उपयोग अंग्रेज़ी माध्यम से पाश्चात्य ज्ञान के प्रसार के लिए किया जाने लगा।
इस प्रकार 1813 के ऐक्ट ने वित्तीय और कानूनी आधार दिया, 1823 की समिति ने संस्थागत आधार बनाया तथा प्राच्यवाद-आंग्लवाद विवाद ने अंग्रेज़ी शिक्षा की दिशा निर्धारित की। इसलिए तीनों सही हैं।