JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2020

Previous Year Question

भारतीय इतिहास के संदर्भ में, 1884 का रखमाबाई मुकदमा किस पर केंद्रित था?

  1. महिलाओं का शिक्षा पाने का अधिकार

  2. सहमति की आयु

  3. दांपत्य अधिकारों का प्रत्यास्थापन

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

A.
केवल 1 और 2
B.
केवल 2 और 3
C.
केवल 1 और 3
D.
1, 2 और 3

Correct Answer: B

Detailed Solution

  • रखमाबाई का विवाह लगभग 11 वर्ष की आयु में दादाजी भीकाजी से हुआ था। वयस्क होने पर उन्होंने अपने पति के साथ रहने से इनकार कर दिया।

  • 1884 में दादाजी भीकाजी ने बंबई उच्च न्यायालय में दांपत्य अधिकारों के प्रत्यास्थापन का मुकदमा दायर किया। इसका अर्थ था न्यायालय से पत्नी को पति के साथ वैवाहिक सहवास में लौटने का आदेश माँगना। इसलिए कथन 3 सही है।

  • रखमाबाई ने तर्क दिया कि बाल्यावस्था में हुए विवाह में उनकी सार्थक सहमति नहीं ली गई थी। इसके कारण बाल-विवाह, वैवाहिक सहमति और सहमति की आयु पर व्यापक सार्वजनिक बहस हुई। इसलिए कथन 2 सही है।

  • इस विवाद ने 1891 के सहमति आयु अधिनियम की पृष्ठभूमि तैयार करने वाली बहस को बल दिया। इस अधिनियम ने लड़कियों के लिए सहमति की आयु 10 वर्ष से बढ़ाकर 12 वर्ष की थी; इसने सभी बाल-विवाहों को अवैध घोषित नहीं किया था।

  • रखमाबाई ने बाद में लंदन में चिकित्सा की शिक्षा प्राप्त की और डॉक्टर बनीं, लेकिन महिलाओं का शिक्षा पाने का अधिकार इस मुकदमे का कानूनी विषय नहीं था। इसलिए कथन 1 गलत है।

मुख्य स्पष्टता: मुकदमे का प्रत्यक्ष कानूनी विषय—दांपत्य अधिकारों का प्रत्यास्थापन; उससे उत्पन्न व्यापक सामाजिक प्रश्न—बाल-विवाह और सहमति की आयु; रखमाबाई की बाद की चिकित्सा-शिक्षा—मुकदमे का विषय नहीं।

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