Previous Year Question
राजा राममोहन राय के बारे में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. उनमें प्राच्य विश्व के पारम्परिक दार्शनिक सिद्धांतों के प्रति अत्यंत अनुराग और समादर था।
II. उनकी कामना थी कि उनके देशवासी तर्कसंगत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा सभी पुरुषों और महिलाओं की मानवीय गरिमा और सामाजिक समता के सिद्धांत को मानें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन I सही है। राजा राममोहन राय ने प्राच्य दार्शनिक परम्पराओं को अस्वीकार नहीं किया था। वे वेदान्त और उपनिषदों के गंभीर अध्येता थे तथा उन्होंने अनेक उपनिषदों का अनुवाद और प्रकाशन किया। इससे भारतीय एवं प्राच्य दर्शन के प्रति उनके सम्मान की पुष्टि होती है।
कथन II भी सही है। इसके साथ ही वे तर्क, आधुनिक विज्ञान और आधुनिक शिक्षा के समर्थक थे। सती-प्रथा तथा सामाजिक असमानताओं के विरुद्ध उनके अभियान और महिलाओं की गरिमा एवं अधिकारों के समर्थन में किया गया कार्य उनके समानतावादी दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।