Previous Year Question
1793 में एक विनियम द्वारा जिला कलक्टर को उसकी न्यायिक शक्तियों से वंचित कर दिया गया और केवल संग्रहक अभिकर्ता बना दिया गया। ऐसे विनियम का कारण क्या था?
Correct Answer: C
Detailed Solution
विकल्प (c) सही है। 1787 की व्यवस्था में जिला कलक्टर के पास राजस्व संग्रह के साथ-साथ न्यायिक और मजिस्ट्रेट संबंधी शक्तियाँ भी केंद्रित हो गई थीं। एक ही अधिकारी राजस्व वसूलता था और राजस्व से उत्पन्न विवादों के निर्णय में भी भूमिका निभाता था। इससे प्रशासनिक/राजस्व और न्यायिक शक्तियाँ एक ही व्यक्ति के हाथों में आ गई थीं।
कॉर्नवालिस ने बाद में इस concentration of power को उचित नहीं माना। 1793 की व्यवस्था का मूल सिद्धांत था कि राजस्व अधिकारी स्वयं उन विवादों का न्यायाधीश न बने जिनमें Government का revenue interest जुड़ा हुआ है। Cornwallis का तर्क था कि disputed public financial claims ऐसे judges के सामने जाने चाहिए जो निर्णय के परिणाम में स्वयं interested न हों और Government, landholders तथा tenants के बीच निष्पक्ष निर्णय कर सकें। इसी broader principle पर revenue और judicial functions को अलग किया गया।
Regulation II of 1793 के अंतर्गत Collectors से judicial authority वापस ले ली गई। उनके कार्यालय से जुड़े Mal Adalats/Revenue Courts समाप्त किए गए और उनके मुकदमे District Judge की jurisdiction में चले गए। कलक्टर का मुख्य कार्य अब revenue administration रह गया, जबकि अलग District Judges न्यायिक कार्य करने लगे।
इसलिए विकल्प (a) में दिया गया revenue collection की efficiency बढ़ाना इस परिवर्तन का मूल सिद्धांत नहीं था। विकल्प (b) भी गलत है—Cornwallis ने higher judicial posts में Europeans को प्राथमिकता दी थी, लेकिन Collector से judicial power हटाने का कारण भारतीयों को revenue collection सौंपना नहीं था। विकल्प (d) भी गलत है क्योंकि समस्या Collector के भारत या कानून के ज्ञान की कमी नहीं, बल्कि एक ही अधिकारी में incompatible powers का concentration थी।
एक historical nuance महत्वपूर्ण है: इसका अर्थ यह नहीं कि Cornwallis ने आधुनिक अर्थ में executive और judiciary का पूर्ण separation कर दिया था। 1793 में revenue और civil judicial functions अलग किए गए, लेकिन District Judge के पास magistracy और police-related powers भी थीं। इसलिए यह महत्वपूर्ण institutional separation था, पर आधुनिक constitutional separation of powers जैसा पूर्ण विभाजन नहीं।