JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2011

Previous Year Question

1793 में लॉर्ड कार्नवालिस की भू व्यवस्था प्रणाली लागू होने के बाद कानूनी विवादों की प्रवृत्ति में बढ़ोतरी देखी गई थी। निम्नलिखित प्रावधानों में से किस एक को सामान्यतया इसके कारक के रूप में जोड़ कर देखा जाता है ?

A.
रैयत की तुलना में जमींदार की स्थिति को अधिक सशक्त बनाना
B.
ईस्ट इंडिया कंपनी को जमींदारों का अधिपति बनाना
C.
न्यायिक पद्धति को अधिक कार्यकुशल बनाना
D.
उपर्युक्त (a), (b) तथा (c) कथनों में से कोई भी सही नहीं है

Correct Answer: D

Detailed Solution

विकल्प (d) सही है। 1793 के Permanent Settlement और Cornwallis के न्यायिक सुधार लगभग उसी व्यापक प्रशासनिक पुनर्गठन का हिस्सा थे, लेकिन मुकदमेबाजी बढ़ने का विशिष्ट कारण विकल्प (a), (b) अथवा (c) में ठीक प्रकार से नहीं दिया गया है।

1793 के Regulation II द्वारा Mal Adalats अर्थात् राजस्व न्यायालय समाप्त कर दिए गए और उनके मुकदमे Diwani Adalats को स्थानांतरित कर दिए गए। Collectors से न्यायिक अधिकार लेकर उन्हें मुख्यतः राजस्व-संग्रह तक सीमित किया गया। इस प्रकार revenue administration और judicial functions को अलग करने की दिशा में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ। Allahabad High Court का ऐतिहासिक विवरण भी Regulation II of 1793 के इसी परिवर्तन को दर्ज करता है।

लेकिन मुकदमों की संख्या बढ़ने के लिए अधिक प्रत्यक्ष कारण court/institution fees का समाप्त किया जाना और appeal की सुविधा का विस्तार था। Cornwallis ने न्याय को कम खर्चीला और अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से मुकदमा शुरू करने पर लगने वाली fees समाप्त कर दी थीं। परिणामस्वरूप litigation इतना बढ़ा कि 1795 में institution fees फिर से लागू करनी पड़ीं, और इसका स्पष्ट उद्देश्य अनावश्यक/अत्यधिक litigation को हतोत्साहित करना था। SOAS में उपलब्ध judicial-administration research इस chronology को दर्ज करता है।

इसलिए विकल्प (c) भी सही उत्तर नहीं है। “न्यायिक पद्धति को अधिक कार्यकुशल बनाना” एक सामान्य description है; मुकदमेबाजी बढ़ने का specific mechanism केवल judicial efficiency नहीं, बल्कि न्यायालय तक पहुँच सस्ती होना, court fees हटना और appeal के अवसर बढ़ना था।

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