Previous Year Question
रैयतवाड़ी बन्दोबस्त के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
किसानों द्वारा लगान सीधे सरकार को दिया जाता था।
सरकार रैयत को पट्टे देती थी।
कर लगाने के पूर्व भूमि का सर्वेक्षण और मूल्य-निर्धारण किया जाता था।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन 1 सही है। रैयतवाड़ी व्यवस्था की मूल विशेषता यह थी कि भू-राजस्व का बंदोबस्त किसी स्थायी जमींदार जैसे intermediary के माध्यम से न होकर सरकार और वास्तविक cultivator अर्थात् ryot के बीच सीधे किया जाता था। NCERT भी स्पष्ट करता है कि Alexander Read और Thomas Munro के अनुसार settlement सीधे उन cultivators के साथ होना चाहिए जो भूमि जोतते थे।
कथन 2 सही है। सरकार रैयत को पट्टा (patta) देती थी। पट्टा उस भूमि, संबंधित ryot और उसके ऊपर निर्धारित revenue obligation को दर्ज करने वाला settlement document था। Historical studies of the Ryotwari system में दर्ज है कि survey और settlement के बाद ryot के स्वीकार करने पर उसे patta दिया जाता था।
लेकिन यहाँ एक सावधानी जरूरी है: पट्टा मिलने को आधुनिक अर्थ में बिना शर्त absolute freehold ownership के बराबर नहीं समझना चाहिए। Ryot के landholding rights revenue payment से जुड़े थे। Colonial law में patta का बहुत महत्वपूर्ण revenue और possessory significance था, लेकिन State का revenue claim बना रहता था।
कथन 3 सही है। Ryotwari में individual fields का survey और assessment महत्वपूर्ण था। NCERT के अनुसार cultivators के fields को carefully और separately survey किया जाना था और उसके बाद revenue assessment निर्धारित होती थी। LBSNAA के historical study में भी Alexander Read की व्यवस्था को individual ryots के साथ settlement तथा detailed survey of fields से जोड़ा गया है।