Previous Year Question
18वीं शताब्दी के मध्य इंग्लिश ईस्ट इंडिया कम्पनी के द्वारा बंगाल से निर्यातित प्रमुख पण्यपदार्थ (स्टेपल कमोडिटीज) क्या थे ?
Correct Answer: D
Detailed Solution
विकल्प (d) सही है। 17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध और 18वीं शताब्दी के पूर्वार्ध तक बंगाल यूरोपीय कम्पनियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण व्यापारिक क्षेत्र बन चुका था। IGNOU के व्यापार-इतिहास के अनुसार बंगाल सस्ते सूती वस्त्रों, उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे रेशम और शोरे (saltpetre) का बड़ा उत्पादक था और इन वस्तुओं की यूरोप में भारी माँग थी। बंगाल का व्यापार अंग्रेजी और डच—दोनों कम्पनियों के एशियाई व्यापार में बहुत महत्वपूर्ण हो गया था।
यहाँ “कपास” को “अपरिष्कृत कपास” समझना ठीक नहीं होगा। उस समय बंगाल की प्रमुख ताकत उसके cotton piece-goods/सूती वस्त्र थे। IGNOU के अनुसार 1758–61 में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कम्पनी द्वारा भारत से निर्यात के मूल्य का लगभग 81% cotton cloth था; शेष प्रमुख वस्तुओं में raw silk और saltpetre भी थे। इसलिए विकल्प (a) में दिया गया “अपरिष्कृत कपास” उस ऐतिहासिक व्यापार-रचना को सही ढंग से व्यक्त नहीं करता।
अफीम भी बंगाल की कम्पनी-व्यापार व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही थी। प्लासी (1757) के बाद अंग्रेजी व्यापारियों ने बंगाल-बिहार क्षेत्र में अफीम और शोरे के व्यापार को तेजी से अपने नियंत्रण में लेना शुरू किया। IGNOU के अनुसार Company ने आगे चलकर saltpetre और opium के व्यापार पर monopoly control स्थापित किया। पटना और बिहार इस व्यापार के महत्वपूर्ण उत्पादन क्षेत्र थे और कम्पनी के Bengal commercial network से जुड़े हुए थे।