JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2016

Previous Year Question

मध्यकालीन भारत के आर्थिक इतिहास के संदर्भ में, शब्द ‘अरघट्टा (Araghatta)’ किसे निरूपित करता है?

A.
बंधुआ मजदूर
B.
सैन्य अधिकारियों को दिए गए भूमि अनुदान
C.
भूमि की सिंचाई के लिए प्रयुक्त जलचक्र (वाटर-व्हील)
D.
कृषि भूमि में बदली गई बंजर भूमि

Correct Answer: C

Detailed Solution

अरघट्टा पानी उठाने वाला एक जलचक्र था, जिसका उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता था। इसमें पहिए के साथ बर्तन या घड़े जुड़े रहते थे। पहिए को घुमाने पर ये बर्तन नीचे से पानी भरकर ऊपर लाते थे और पानी को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराते थे।

अरघट्टा कोई ऐसी तकनीक नहीं थी जो केवल उत्तर-मध्यकाल में अचानक सामने आई हो। कल्हण की ‘राजतरंगिणी’ में भी अरघट्ट का उल्लेख मिलता है, जिसमें नदी तथा कुओं से पानी उठाने के संदर्भ आते हैं। प्रारंभिक रूपों में इसे मनुष्य द्वारा हाथ या पैर से चलाया जाता था।

बाद में इस जल-उत्थापन तकनीक में पशु-शक्ति और gearing mechanism का प्रयोग विकसित हुआ। इससे अधिक गहराई वाले कुओं से लगातार पानी निकाला जा सकता था। यही विकसित प्रणाली आगे Persian Wheel या रहट के रूप में प्रसिद्ध हुई। इसलिए अरघट्टा को सीधे हर काल में आधुनिक Persian Wheel के बिल्कुल समान मानने के बजाय उसे जल उठाने वाले water-wheel की विकसित होती परंपरा के रूप में समझना अधिक सही है।

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