Previous Year Question
निम्नलिखित विदेशी यात्रियों में से किसने भारत के हीरों और हीरे की खदानों की विस्तृत रूप से चर्चा की?
Correct Answer: B
Detailed Solution
ज्याँ-बैप्टिस्ट टैवर्नियर (1605–1689 ई.) 17वीं शताब्दी का फ्रांसीसी यात्री और पेशेवर रत्न-व्यापारी था। उसने फारस और भारत की कई यात्राएँ कीं तथा विशेष रूप से हीरों और अन्य बहुमूल्य रत्नों के व्यापार में उसकी गहरी रुचि थी। इसी व्यावसायिक अनुभव के कारण उसका विवरण दूसरे सामान्य यात्रियों की तुलना में भारतीय हीरा-खनन के बारे में कहीं अधिक विस्तृत है।
सबसे मजबूत प्रमाण टैवर्नियर की अपनी यात्रा-वृत्तांत ‘Les Six Voyages’ (1676), जिसका अंग्रेजी रूप Travels in India है, से मिलता है। इसके हीरों से संबंधित अध्याय का शीर्षक ही “Of Diamonds, and the Mines and Rivers where they are found” है। टैवर्नियर स्वयं लिखता है कि हीरा वह वस्तु थी जिसका वह सबसे अधिक व्यापार करता था और पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए उसने चार हीरा खदानों तथा एक नदी-क्षेत्र का स्वयं दौरा किया। उसने राओलकोंडा तथा गनी/कूलूर (Kollur) जैसी खदानों, वहाँ हीरे मिलने की परिस्थितियों और खनन की प्रक्रिया का विवरण दिया।